Jansandesh online hindi news

बाजारों में सजी पिचकारी,रंग और अबीर की दुकानें

गोल्डेन कुशवाहा पडरौना। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लोग होली की तैयारी में जुट गए हैं। पिछले साल भी यह त्यौहार कोरोना के खौफ के बीच ही मना था। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। परंतु इस बार विशेष सतर्कता की जरूरत होगी। सोमवार को रंगो का त्योहार होली मनाया जाएगा।
 | 
बाजारों में सजी पिचकारी,रंग और अबीर की दुकानें

गोल्डेन कुशवाहा

पडरौना। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लोग होली की तैयारी में जुट गए हैं। पिछले साल भी यह त्यौहार कोरोना के खौफ के बीच ही मना था। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। परंतु इस बार विशेष सतर्कता की जरूरत होगी।

सोमवार को रंगो का त्योहार होली मनाया जाएगा। इस त्योहार को मनाने के लिए युवा और बच्चे घर के मुखिया के साथ होली की खरीदारी में जुट गए हैं। इसके चलते बाजारों में पिचकारी व किराने की दुकान पर चहल-पहल बढ़ गई है। इन दुकानों पर गुझिया और अन्य पकवान बनाने के सामान के अलावा रंग, अबीर और गुलाल की लोग खरीदारी हो रही है। कोतवाली रोड स्थित दुकानदार श्रीकांत यादव, धर्मशाला रोड के राजू साहा, रेलवे स्टेशन रोड के मुरारी गुप्ता, सुभाष चौक के गणेश और तिलक चौक के आकाश चौरसिया आदि दुकानदारों ने बताया कि होली के त्योहार को देखते हुए खरीदारों की संख्या बढ़ी है।

दस से 25 प्रतिशत तक बढ़ा है दाम

पिचकारी, अबीर, गुलाल के भाव पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष दस से 25 प्रतिशत तक बढ़ा गया है। शेर, मोदी, योगी समेत विभिन्न प्रकार के कार्टून मुखोटे 80 रूपये से 150 रूपये तक बिक रहे हैं। मलिंगा, धोनी व बेबी डॉल के चोटी अथवा बनावटी बाल 100 से 200 रूपये में मिल रहे हैं। इसमें मुर्गा वाले बाल सबसे ज्यादा बिक रहे हैं । पब्जी पिचकारी 150 रूपये से लेकर 900 तक बिक रही है। पब्जी गेम स्प्रे भी 35 से 200 तक बिक रहे हैं। रंग पांच रूपये से 50 रूपये, अबीर 150 रुपये, बार्निस रंग 100 रुपये, होली वाले टी-शर्ट 100 रुपये, प्रेस पाइप 90 रुपये से 350 रुपये, पटाखा पिचकारी 70 से 225 रुपये तक बिक रहे हैं। इसमें पब्जी गेम पिचकारी व पिचकारी पटाखा युवाओं की पसंद बनी हुई है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की पिचकारियां, मखौटे, वाटर बैलून आदि युवाओं को लुभा रहे हैं।

सोशल डि‌स्टेंसिंग के साथ मनाएं होली

कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे में होली का त्योहार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मनाएं। जितना हो सके रंग खेलने से परहेज करें, अबीर लगाकर त्योहार का आनंद लें। बच्चों को खाने पीने के सामानों पर विशेष ध्यान दें। बाहर बने खाद्य पदार्थ के स्थान पर घर में पका भोजन और मिठाई खाएं।

डॉ. एस प्रसाद, बाल रोग विशेषज्ञ, पुरूष एवं नेत्र चिकित्सालय पडरौना।