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आतंकी गोली लगने से फर्रुखाबाद का लाल वीरगति पाकर शहीद

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आतंकी गोली लगने से फर्रुखाबाद का लाल वीरगति पाकर शहीद

गौरव शुक्ला की रिपोर्ट

फर्रूखाबाद । सरहद की रक्षा करते हुए आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में जिले का लाल सीने में गोली खाकर शहीद हो गया लेकिन उसने आतंकियों के चने चबाने में कसर बाकी नहीं छोड़ी है। जैसे ही यह खबर उसके गॉंव पहुॅंची तो पूरे जिले में यह खबर वन में लगी आग की तरह फैल गयी। जिसने भी सुना इस सपूत के लिये उसकी ऑंखे नम हो गयीं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों कोे सांत्वना देने के लिये सैैकड़ों की तादाद में लोग जिले केे इस लाल के घर पहुॅंच रहे हैैं। कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के गॉंव याकूतगंज के रहने वाले पूर्व प्रधान जितेन्द्र सिंह यादव के घर जन्में सचिन यादव ने वर्ष 2017 में सीआरपीएफ में नौकरी हासिल की थी।

प्रशिक्षण के बाद जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में चालक के पद पर तैनाती मिली। तब से वह अधिकांशतः वहीं पर तैनात रहे। 15 दिसम्बर 2017 में रायबरेली के जिला अमेठी में देश की रक्षा करने का सचिन यादव ने वीड़ा उठाया था। महज 22 साल की उम्र में जिले के इस लाल ने जो वीड़ा उठाया उसको निभाते-निभाते उस समय शहीद हो गया जब वह अपनी बटालियन के साथ जम्मू कश्मीर मेें सीमा पर पहुॅंचे उसी समय आतंकवादियों से मुकाबला हो गया। भले ही सचिन चालक के पद पर तैनात थे। लेकिन उन्होंनेे आतंकवादियों से डटकर मुकाबला किया लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। इस मुठभेड़ में सचिन यादव शहीद हो गए। इसकी सूचना जिला मुख्यालय पर दी गई इसके बाद पुलिस ने सचिन यादव के घर पर घटना की जाननकारी दी। जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जिसने भी सुना उसके ऑंसू बरवश ही निकल पड़े।

सुबह से ही सचिन यादव के घर पहुॅंचने वालों का तांता लगा रहा। गॉंव के लोगों की माने तो मृदु भाषी सचिन यादव की लोग तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। क्योंकि सचिन ने हमेशा ही लोगों को सम्मान दिया जिस तरह से अपनी मातृभूमि को सम्मान देने व उसकी रक्षा करने में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उसी तरह हमेशा लोगों की मदद करने के लिये यह युवा तत्पर रहता था।डेढ़ माह पूर्व शादी हुई थी तय, याकूतगंज के पूर्व प्रधान जितेन्द्र यादव का बेटा, खबर आते ही गॉंव में मचा कोहराम, नहीं जले चूल्हे, मॉं बाप का रो रोकर बुरा हाल, घर का चिराग बुझने से मचा कोहराम