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लखीमपुर हिंसा मामले में मंत्रीपुत्र आशीष मिश्रा पुलिस हिरासत में, अब मंत्री टेनी हटेंगे या पुत्र सलाखों के पीछे जाएगा !

लखीमपुर खीरी में चार किसानों को थार जीप से कुचलकर मार डाला गया था। इसके बाद भड़की हिंसा में चार और लोगों की मौत हो गई थी। यूपी सरकार ने सभी मृतकों के परिवारवालों को 45-45 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। साथ ही, एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।

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लखीमपुर हिंसा मामले में मंत्रीपुत्र आशीष मिश्रा पुलिस हिरासत में, अब मंत्री टेनी हटेंगे या पुत्र सलाखों के पीछे जाएगा !

लखीमपुर हिंसा मामले में पिछले कई दिनों से इस मामले को लेकर आंदोलन, प्रदर्शन, हिंसा, राजनीति चलती रही। लखीमपुर कांड देश की सबसे बड़ी अदालत में भी पहुंच गया। अदालत के रूख से उत्तर प्रदेश सरकार पर दबाव और बढ़ गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं पूरे देश की राजनीति इस घटना को लेकर गरमाई हुई है। विपक्षी पार्टियों के नेताओं और किसान नेताओं द्वारा लगातार यूपी सरकार और केंद्र सरकार को घेरा जा रहा है। अब यूपी सरकार दो मोर्चों पर घिरती नजर आ रही है, एक तरफ अदालत की फटकार है, तो दूसरी तरफ विपक्ष का वार भी सामने है। 

इससे पहले मंत्री अजय टेनी का थोड़ी देर पहले एक वीडियो भी सामने आया था। इस वीडियो में वह अपने समर्थकों को कहीं ना कहीं सबकुछ ठीक होने का हवाला दे रहे थे। मंत्री टेनी ने समर्थकों से यह भी कहा की जहां बात खराब होगी वहां हम आपके साथ हैं। इस बात का भी बड़ा मतलब निकाला जा रहा है। लखीमपुर के इस घटना में चार किसान समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। 


तमाम जद्दोजहद के बाद आखिरकार केंद्रीय गृहमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष टेनी को हिरासत में ले लिया गया है। इससे पहले इस चर्चित हो चुके मामले को सत्ता पार्टी ने दबाने- घुमाने का तमाम प्रयास किया लेकिन सभी प्रयास धरे के धरे रह गए। 

सामने आये इनपुट के मुताबिक लखीमपुर हिंसा में आरोपी बनाया गया मंत्री पुत्र आशीष टेनी आज शनिवार 9 अक्टूबर को पुलिस के किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके दिखाए तथ्य ना पचने वाले साबित हो रहे थे। एक निजी टीवी चैनल की माने तो मंत्रीपुत्र आशीष ने घटना के वक्त अपनी मौजूदगी कहीं और दिखाई थी लेकिन उसे वह साबित नहीं कर सका। 

आपको बताते चलें विपक्षी दल लगातार यूपी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि वह आरोपी आशीष मिश्रा को बचाने में लगी हुई है। आशीष मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में दावा किया गया है वह किसानों को कुचलने वाली कार में भी मौजूद थे और गोलियां भी चलाई थीं। आशीष मिश्रा के खिलाफ बहराइच जिला निवासी जगजीत सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। 

Lakhimpur Violence

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