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उन्नाव,यूपी

उन्नाव में हंगामे और बवाल के बीच संम्पन हुए नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल

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उन्नाव में हंगामे और बवाल के बीच संम्पन हुए नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल

जनपद उन्नाव में कल ब्लाक प्रमुख नामांकन में गुरुवार को चार ब्लाकों असोहा, पुरवा, नवाबगंज और औरास में हंगामा व बवाल हुआ, गए,ईंट-पत्थर चल गए। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस से भी धक्का-मुक्की की गई। पुलिस के किसी भी तरह के बवाल को रोकने की तैयारी के दावे धरे रह गए। 

असोहा में गुरुवार सुबह से ही ब्लाक मुख्यालय पर सपाइयों व भाजपाइयों की भीड़ लग गई थी। 11 बजे सपा प्रत्याशी बीतेंद्र यादव एमएलसी सुनील साजन, पूर्व विधायक उदयराज यादव और अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन कराने पहुंचे। बैरीकेडिंग पर एसओ राजू राव ने पांच लोगों को ही अंदर जाने की बात कहकर रोक दिया। इस पर कुछ सपाई बैरीकेडिंग तोड़ते हुए अंदर जाने लगे। तभी सामने से आ रहे भाजपा समर्थित प्रत्याशी आनंद गुप्ता के समर्थकों से आमना-सामना हो गया। यह देख सीओ पुरवा रघुवीर सिंह ने रोकने का प्रयास किया। दोनों पक्षों से नारेबाजी होने लगी। किसी तरह से सपा प्रत्याशी बीतेंद्र यादव अपनी मां सोमवती के साथ ब्लाक के अंदर नामांकन कराने पहुंच गए। इसी बीच किसी ने ईंट पत्थर चला दिए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को खदेड़ा। बीतेंद्र को ब्लाक के दूसरे गेट से बाहर निकाला। भाजपाइयों को पीटे जाने की सूचना पर विधायक अनिल सिंह भी पहुंच गए। विधायक ने प्रशासन पर पक्षपात कर जबरन मारपीट करने का आरोप लगा उच्चाधिकारी से शिकायत की। दोपहर 12.30 बजे भाजपा प्रत्याशी आनंद गुप्ता का नामांकन हो पाया।

पुरवा में  भाजपाई ब्लाक कार्यालय के बाहर सुबह से ही मुस्तैद थे। दोपहर 12 बजे भाजपा प्रत्याशी सतीश चौधरी ने पत्नी ललिता के साथ ब्लाक कार्यालय पर पहुंचकर नामांकन कराया। दोपहर 1.35 बजे सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन व पूर्व विधायक उदयराज यादव पहुंचे। सपाइयों को बाहर बनी बैरीकेडिंग पर एडीएम राकेश सिंह व एएसपी शशि शेखर सिंह ने रोक दिया। एमएलसी सुनील सपा प्रत्याशी रामदेवी को लेकर नामांकन कराने के लिए अंदर जाने लगे। तभी अधिकारियों ने प्रत्याशी व प्रस्तावक को ही अंदर प्रवेश देने की बात कहकर उन्हें रोक दिया। इस पर सपा प्रत्याशी ने अंदर जाकर नामांकन कराया। विधायक अनिल सिंह पहुंचे तो समर्थक नारेबाजी करने लगे। इससे दोनों तरफ के समर्थकों के बीच धक्कामुक्की होने लगी। इसी बीच चमियानी निवासी श्रीकांत निर्मल को भाजपाइयों ने पीट दिया। इससे उसका सिर फट गया। यहां पर सपाई राकेश लोधी हलफनामा लेकर अंदर जाने लगे तो ब्लाक गेट पर भाजपाइयों ने पुलिस की मौजूदगी में राकेश से पर्चा छीन लिया। बाद में दूसरा हलफनामा देकर अंदर भेजा गया। विधायक अनिल सिंह ने एएसपी से कहा कि भाजपा प्रत्याशी के पुत्र पर हमला हुआ। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी की जाए। एएसपी ने कहा कि विवेचना की जा रही है। विधायक समर्थकों ने पुलिस विरोधी नारे लगाए। विधायक ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो धरना देंगे। 

नवाबगंज में  ब्लाक कार्यालय में गुरुवार को सबसे पहले भाजपा समर्थित रोशनी ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
कुछ देर बाद निर्दलीय प्रत्याशी राजाका अपने समर्थकों संग पर्चा दाखिल करने पहुंची। ब्लाक के मुख्य गेट से पहले भाजपा प्रत्याशी समर्थकों ने राजाका को घेर लिया और पर्चा छीनने का प्रयास किया। आपाधापी और धक्कामुक्की के बीच रजाका का पर्चा फट गया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान सत्ता पक्ष के समर्थक पांच बार वापस लौटे और पुलिस ने हर बार लाठीचार्ज करके सबको भगाया। भगदड़ के दौरान कई बार हाईवे भी जाम की स्थिति बनी। दो घंटे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। हंगामे की सूचना पर डीएम रवींद्र कुमार व एसपी आनंद कुलकर्णी पहुंचे। डीएम ने हंगामा करने वालों को चिह्नित करके मुकदमा लिखने को कहा। बाद में रजाका ने दोबारा पर्चा दाखिल किया। उधर, ब्लाक प्रमुख चुनाव के पर्यवेक्षक पंधारी यादव नवाबगंज पक्षी विहार में रुके रहे। बवाल के एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। वहीं ब्लाक कार्यालय से उन्नाव जाते समय डीएम, एसपी भाजपा समर्थित प्रत्याशी के समर्थक के होटल पर रुके और शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा। समर्थकों ने दोबारा नारेबाजी न करने की बात कही। 

औरास में  नामाकंन के दौरान भाजपा समर्थित प्रत्याशी भूपेंद्र प्रताप सिंह व सपा समर्थित ज्ञानेंद्र सिंह के समर्थकों के बीच धक्कामुक्की हुई। ज्ञानेंद्र का आरोप है कि भाजपाइयों ने उनका पर्चा छीनने का प्रयास किया। साथ ही अभद्रता व मारपीट की। इसी बीच सीओ बांगरमऊ आशुतोष कुमार व औरास एसओ हरप्रसाद अहरवार पहुंचे और समर्थकों की बीच हो रही धक्कामुक्की को शांत कराने लगे। एसओ लड़खड़ाकर सड़क पर गिर गए। भाजपा प्रत्याशी को एक घंटे तक सीओ ने हिरासत में बैठाए रखा। बाद में हिदायत देकर छोड़ दिया। भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ बीडीसी के पति के अपहरण व मारपीट की धाराओं में तीन दिन पहले रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सीओ हसनगंज आरके शुक्ला का कहना है कि चुनाव के दौरान कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लगते हैं। रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।