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भाजयुमो से क्षेत्रीय अध्यक्ष विकास दुबे की आपत्तिजनक तस्वीरें लीक

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भाजयुमो से क्षेत्रीय अध्यक्ष विकास दुबे की आपत्तिजनक तस्वीरें लीक

कानपुर: भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता विकास दुबे उर्फ दीपू की एक युवती के साथ आपत्तिजनक फोटो सामने आई है।विकास भाजयुमो के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष हैं. ये फोटो दो साल पहले की बताई जा रही है. तब विकास नेपाल के काठमांडू में टूर पर गए थे और एक बार में युवती के साथ आपत्तिजनक फोटो खिंचवाई थी. युवती कॉलगर्ल बताई जा रही है. बार में युवती के साथ विकास दुबे की आपत्तिजनक फोटो सामने आई तो राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं शुरू हो गईं।

बताया जा रहा है कि विकास दुबे के साथ ही कानपुर में तैनात रह चुका एक दागी इंस्पेक्टर, विकास के छात्र राजनीति का साथी व भाजयुमो में कनिष्ठ पदाधिकारी और बर्रा गांव में रहने वाला पांचू नाम से चर्चित व्यक्ति काठमांडू अय्याशी करने गया था. बार के कमरे में कॉल गर्ल के साथ अय्याशी के दौरान विकास के साथ ही अन्य सभी का पांचू ने फोटो व वीडियो बना लिया. अगर यह सार्वजनिक हुआ तो विकास और उसके कनिष्ठ की राजनीति खत्म हो जाएगी. यह बात पार्टी के सक्रिय पदाधिकारियों को भी मालूम है, लेकिन किसी के पास साक्ष्य नहीं हैं. कई बार पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से शिकायत भी हुई लेकिन साक्ष्य नहीं होने पर कार्रवाई से बच गया।

भाजयुमो के क्षेत्रीय अध्यक्ष विकास दुबे, नारायण सिंह भदौरिया और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर की दोस्ती काफी चर्चित रही है. हालांकि अब तीनों में फूट पड़ गई है. हाल ही में नारायण के जन्मदिन पार्टी में पुलिस की छापेमारी हुई थी. आरोप है कि ये छापेमारी संदीप के इशारे पर ही हुई थी. इसके बाद नारायण गुट ने संदीप की पोल खोलनी शुरू कर दी. मालूम चला कि संदीप ने सत्ता में धमक के सहारे अपने ऊपर लगे सभी आपराधिक मुकदमें खत्म करवा दिया. यहां तक ही हिस्ट्री शीट भी खत्म हो गई. अब संदीप दुबे की तस्वीरें सामने आ गईं हैं।

विकास के पास 17 जिलों की कमान

कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष के दायरे में 17 जिले आते हैं. क्षेत्रीय अध्यक्ष इन जिलों का प्रभारी होता है. तमाम आरोपों के बाद भी भाजपा के पदाधिकारियों ने विकास को जुलाई-2018 क्षेत्रीय अध्यक्ष बना दिया. विकास दुबे पर छात्र जीवन से ही कई अपराधिक मुकदमें दर्ज हैं. सबसे पहले 1996 में उनके खिलाफ गोविंद नगर थाने में हत्या का प्रयास, रासुका, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी. इसके बाद किदवई नगर में 2009 में हत्या के प्रयास की एफआईआर हुई थी. एक दर्जन से अधिक गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई तो पुलिस प्रशासन से बचने के लिए राजनीति का सहारा लिया।