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हिंदी दिवस पर हिंदी दिवस मना लेने मात्र से हिंदी का उत्थान सम्भव नही होगा

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हिंदी दिवस पर हिंदी दिवस मना लेने मात्र से हिंदी का उत्थान सम्भव नही होगा

उन्नाव,यूपी

वर्ष में एक बार लोग हिंदी दिवस मनाकर हिंदी भाषा से इतिश्री कर लेते हैं।  सरकारी कार्यालयों से लेकर आमतौर पर बोलचाल मे भी लोग अंगेजी बोलने में खुद को  सभ्य और हिंदी बोलने वाले को पिछड़ा मानते हैं । ब्यापक रुप से हमारे जीवन मे प्रयोग होने वाली और अपनी लोकप्रियता के कारण हिंदी अपने देश की स्वंय सिद्ध भाषा है । परंतु अक्सर हम अपने परिवेश में देखते है कि लोग अंग्रेजी को बड़ी सम्रद्ध भाषा मानते हैं।उन्हें हिंदी बोलने में शर्म महशूस होती है। हिंदी एक बृहद शब्दकोश वाली भाषा है जिसमे 70 हजार मूल शब्द हैं। जब कि अंग्रेजी में कुल 12 हजार ही मूल शब्द हैं । केवल एक दिन हिंदी दिवस मना लेने मात्र से हिंदी का उत्थान सम्भव नही होगा।  हिंदी के उत्थान में  हमारे साहित्यकारों का बहुत बड़ा योगदान रहा है और इसी कड़ी में आज भी साहित्यकार अपनी साहित्य साधना से हिंदी को अभिसिंचित कर रहे हैं। 

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