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 उन्नाव में कुछ अजूबा ना हो यह कैसे हो सकता है जनपद में अनेक अनमोल रत्नों ने जन्म लिया है

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 उन्नाव में कुछ अजूबा ना हो यह कैसे हो सकता है जनपद में अनेक अनमोल रत्नों ने जन्म लिया है

उन्नाव

साहित्यकारों के जनपद उन्नाव में कुछ अजूबा ना हो यह कैसे हो सकता है जनपद में अनेक अनमोल रत्नों ने जन्म लिया है इसी जनपद के ग्राम मऊ सुल्तानपुर (उन्नाव - पुरवा लिंक मार्ग) में एक युवा समाज सेवी ने अपने गांव में कुछ वर्ष पूर्व निर्धन बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए कोचिंग तथा स्कूल की स्थापना की थी बच्चों की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से आज इसी समाज सेवी ने ग्राम मऊ सुल्तानपुर में एक पुस्तकालय की स्थापना की है ।पुस्तकालय का "श्री गणेश" साहित्यकार/कवि सुरेश फक्कड की,समाज सेवी देवी चरण भारतीय तथा शिक्षिका प्राची चौबे ने "मां सरस्वती जी" के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन कर किया ।

पुस्तकालय के संस्थापक राहुल ने बताया कि गांव में पुस्तकालय की स्थापना इस उद्देश्य को लेकर की गई है कि ग्रामीण अंचलों में बच्चों के बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए अभी तक कोई भी संस्था नहीं थी हमारे गांव में शिक्षा का घोर अभाव था दूर दूर तक बच्चों की शिक्षा ग्रहण करने के लिए बच्चों को जाना पड़ता था,नौकरी के लिए आवेदन करने वाले बच्चों को प्रतियोगिता की तैयारी करने में घोर समस्याओं का सामना करना पड़ता था इसी को दृष्टिगत रखते हुए मैंने स्कूल,कोचिंग और पुस्तकालय की स्थापना की है ।

पुस्तकालय में सभी साहित्यिक,प्रतियोगिताओं वाली पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध हैं ।पुस्तकालय में वह भी पुस्तकें रखी गई हैं जो बाल साहित्य से जुड़ी हुई है बाल साहित्य का संग्रहण इसलिए किया गया है कि बच्चों के मन और मस्तिष्क में अध्धयन की रुचि बढ़े तथा ज्ञान और शिक्षा के अंकुर अंकुरित होते रहें ।आज के पुस्तकालय के स्थापना दिवस के अवसर पर रंजीत आजाद, ओम प्रकाश,आर्यन गौतम,अरूण कुमार,रिजवान अहमद,अतुल,शिक्षिका रश्मि गौतम,अरविन्द,शिक्षिका शैफाली मालवीय,शिवम प्रजापति सहित अनेक अतिथि गण उपस्थित रहे ।

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