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गद्दी का लालसा क्या :  मिशन आत्म संतुष्टि क्या एक बहाना है असली मकसद तो सवायजपुर की गद्दी को हथियाना है

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गद्दी का लालसा क्या :  मिशन आत्म संतुष्टि क्या एक बहाना है असली मकसद तो सवायजपुर की गद्दी को हथियाना है

मोहित  गुप्ता की रिपोर्ट

हरदोई जनपद मे राजवर्धन सिंह राजू वो नाम है जो किसी पहचान का मोहताज नही समाजसेवी महोदय की अगर एक दशक पहले की पहचान से रूबरू होना चाहेगे तो हम पाएंगे कि पूर्व में आज के समाजसेवी की जो छबि थी वो आज की छबि से बिल्कुल विपरीत थी छबि पूर्व में कैसी थी यह बताने के लिए नही बल्कि आज हम आपके बीच मिशन आत्मसंतुष्टि से संबंधित कुछ सवाल लेकर आपके बीच आये है जिनको समझना बहुत जरूरी है मेरा उद्देश्य किसी भी समाजसेवा को गलत ठहराना नही है बल्कि समाजसेवा के नाम पर जो स्वार्थ छिपा हुआ है जो मुझे प्रतीत होता है उसको लेकर है।

जैसा कि जगजाहिर है कि मिशन आत्म संतुष्टी का उद्देश्य लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करना,व  शोषित बंचित,व मानसिक रूप से लाचार लोगो का इलाज व  मदद करना है व गरीब कन्याओं की शादी कराना है और जो प्रमुखता से किया भी जा रहा है जिसका श्रेय राजवर्धन सिंह राजू व उनकी टीम को जाता है जिस कारण कही न कही सवायजपुर की जनता समाजसेवी एक उम्मीद की किरण है जिस कारण सत्ताधिस लोगो की नींद उड़ी हुई है।आखिर मिशन आत्म सन्तुष्टि सिर्फ सवायजपुर विधानसभा में ही क्यो काम कर रहा है क्या इस मिशन को पर्दे के पीछे से कोई और चला रहा है।अर्जुन पुर पुल बनवाने का श्रेय समाजसेवी ही क्यो लेना चाह रहे थे जब कि मिशन आत्म संतुष्टि के बैनर तले भाजपा के विधायक को पुल बनवाने का ज्ञापन सौंपा जा सकता था लेकिन ऐसा नही किया गया।

जितने भी इस विधानसभा में जो लोग आवास से या अन्य सरकारी योजनाओं से बंचित रह गए जिनके वीडियो प्रमुखता से प्रकाशित किये गए उनके बारे में मिशन आत्म सन्तुष्टि ने भाजपा विधायक या अन्य किसी अधिकारी के माध्यम से बंचित लोगो को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास क्यो नही किया गया।बल्कि खुद को मसीहा व सत्ताधीशो के खिलाफ जहर भर कर अपने पक्ष में एक जन समूह को जोड़ने का प्रयास किया गया।सरकारी योजनाओं से अगर कोई व्यक्ति बंचित रह जाता है तो उसकी फरियाद सुनने के लिए विधायक के रूप में हर सरकार का प्रतिनिधि होता है जब मिशन का उद्देश्य केवल जनता का भला ही करना है तो आखिर मौजूदा विधायक से मिशन की दूरी क्यो है।

इन सब प्रकरण से प्रतीत होता है कि मिशन आत्म सन्तुष्टि तो एक बहाना है असल मकसद तो सवायजपुर की विधायक की गद्दी पाना है।हालांकि समाजसेवी जो कार्य कर रहे है वो काबिले तारीफ़ है अगर ऐसे व्यक्तियों के हाथ मे पावर आ जाये तो शायद जनता का जो भला अभी समाजसेवी कर रहे है पावर आने के बाद और बेहतर तरीके से कर पाएंगे। अब 2022 में जनता उनको पावर देती है या नही यह काल के गर्त में है।लेकिन मेरा सवाल यह है जब नज़र सवायजपुर की सबसे बड़ी सीट पर है तो यह समाजसेवा का ढोंग क्यो आखिर बार बार क्यो कहा जा रहा है कि मुझे राजनीति से कोई मतलब नही जब कि समाजसेवी लिखापढ़ी में आप पार्टी से जुड़ चुके है और मिशन को पूरी तरह राजनीति के रास्ते पर चलाया जा रहा है और चुनाव के नजदीक आते ही मिशन आत्म संतुष्टी की जगह मिशन 2022 हो गया है फिर यह समाजसेवा का ढोंग क्यो आखिर जनता से वह अपना असली मकसद क्यो छुपा रहे है।आखिर वह जनता से क्यो नही कहते कि इस मदद के बदले उनको 2022 में सत्ता सुख के लिए उनका वोट चाहिए।
लेकिन भले ही समाजसेवा एक ढोंग हो लेकिन मिशन आत्म सन्तुष्टि ने आज की तारीख में हजारों लोगों की मदद की है जिस कारण समाजसेवी कई बार पुरस्कृत भी हो चुके है।मेरी शुभकामनाएं इस समाजसेवी के साथ है।

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