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66 साल के क्लाइव जोन्स बन चुके है 138 बच्चों के बाप, 150 तक कर के कह देंगे अलविदा

दुनिया में बहुत से ऐसे मर्द होते हैं जो किसी शारीरिक समस्या के कारण पिता (infertile men) नहीं बन सकते. ऐसे में वो स्पर्म डोनर्स (Sperm Donor) की तलाश में रहते हैं जिनके जरिए वो और उनकी पत्नी अपने परिवार को आगे बढ़ा सकें. स्पर्म डोनर का काम आसानी से समझना हो तो आप आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘विक्की डोनर’ को देखकर समझ सकते हैं. इन दिनों ब्रिटेन के एक शख्स के खूब चर्चे हैं जो स्पर्म डोनेशन का काम कर-कर के अब तक 129 बच्चों   का पिता बन चुका है.

66 साल के क्लाइव जोन्स (Clive Jones) पिछले 10 सालों से स्पर्म डोनेशन (Sperm donation) का काम कर रहे हैं. उनके इस योगदान से वो अब तक 129 बच्चों के बायोलॉजिकल पिता (Man Biological father of 129 kids) बन चुके हैं और जल्द ही 9 बच्चे और पैदा होने वाले हैं जिससे वो 138 बच्चों को बाप बन जाएंगे. क्लाइव का कहना है कि वो 150 तक कर के फिर इस काम को अलविदा कह देंगे. मगर ये सब कुछ क्लाइव के लिए इतना आसान नहीं है.

द सन वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक क्लाइव आधिकारिक रूप से स्पर्म डोनर नहीं बन सकते हैं क्योंकि ब्रिटेन में डोनर बनने की अधिकतम आयु 45 वर्ष है. इस वजह से वो फेसबुक के जरिए अपने ग्राहकों से जुड़ते हैं और उनकी जरूरतों को पूरा करते हैं. बड़ी बात ये है कि वो अपनी इस सर्विस के लिए पैसे नहीं चार्ज करते. उनका कहना है कि उन्हें किसी को खुशी देकर, किसी का परिवार बसाकर बहुत खुशी मिलती है. उनको ये आइडिया 9-10 साल पहले अखबार में एक आर्टिकल पढ़कर आया जब उन्होंने देखा कि लोगों को बिना बच्चे के कितना मानसिक दर्द झेलना पड़ता है.

ह्यूमन फर्टिलाइजेशन एंड एंब्रयोलॉजी अथॉरिटी ने क्लाइव की इस हरकत पर एक चेतावनी जारी की है. दरअसल, क्लाइव स्पर्म डोनेशन का काम अपनी वैन से चलाते हैं और अथॉरिटी के सख्त निर्देश हैं कि सभी डोनर्स और मरीजों को ब्रिटेन की लाइसेंस्ड क्लिनिक के माध्यम से ही स्पर्म डोनेशन और खरीदने का काम करना होगा. अथॉरिटी का कहना है कि क्लिनिक के जरिए ऑपरेट करने से डोनर और ग्राहक दोनों को स्पर्स डोनेशन के इफेक्ट, और अन्य जरूरी बातें बताई जा सकती हैं. क्लाइव का इस बारे में कहना है कि वो वैन से ऑपरेट कर सीधे अपने ग्राहकों को स्पर्म थमा देते हैं.

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