धर्म के नाम पर हिंसा अनुचित, पूजा का उद्देश्य एक ही है- मोहन भागवत

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देश- संघ प्रमुख मोहन भागवत(RSS chief Mohan Bhagwat) बीते कई दिनों से अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। मोहन भागवत(Mohan Bhagwat) का बयान जाति ब्राह्मणों ने बनाई है खूब सुर्खियों में रहा। वहीं अब दिल्ली के लाल किला परिसर में सामवेद के उर्दू अनुवाद के लॉन्च के दौरान कहा, भगवान की पूजा के तरीके अलग हो सकते हैं। लेकिन उनकी पूजा का उद्देश्य एक ही होता है।

मोहन भागवत (Mohan Bhagwat)ने कहा, धर्म दो अलग मार्ग हो सकते हैं। जिनपर चलकर लोग अपनी मंजिल तक जाना चाहते हैं।लोगों की मंजिल एक ही होती है। कोई भूमि की, कोई अग्नि की कोई पानी की पूजा करता है। लेकिन सब एक ही लक्ष्य के साथ पूजा करते हैं।
किसी को भी धर्म को दुश्मनी नहीं बनाना चाहते। आज देश हिंसा से भरी हुई है। यह अनुचित है। क्योंकि हम अलग -अलग इष्ट को पूजते हैं। लेकिन हमारी मंशा एक ही रहती है। हम सबको पूजा के अलग-अलग तरीकों पर विद्रोह नहीं करना चाहिए।

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