राजनीतिक्यों असम सरकार के निर्णय के खिलाफ हुईं हैं महिलाएं

क्यों असम सरकार के निर्णय के खिलाफ हुईं हैं महिलाएं

देश:- असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बाल विकास रोकने के परिपेक्ष्य में राज्य व्यापी अभियान चलवा रहे हैं। राज्य में लगातार लोगों की गिरफ्तारी हो रही हैं। कई लोग उनके इस काम की सराहना कर रहे हैं। लेकिन उनके महिला हितैषी निर्णय के खिलाफ महिलाओं ने आंदोलन छेड़ दिया है और वह सरकार का विरोध कर रही हैं।
महिलाओं का यह विरोध इसलिए भी है। क्योंकि इस अभियान के तहत महिलाओं के पतियों को हिरासत में लिया जा रहा है। अगर पति नहीं मिल रहे हैं तो उनके पिता को हिरासत में लिया जा रहा है। जिन महिलाओं का विवाह कम उम्र में हुआ उनसे उनका ससुराल छुड़वाया जा रहा है। यह ऐसी नीति है जिसमे वह सब विवाह अवैध ठहराए जा रहे हैं जो कम उम्र में हुए हैं। 
महिलाओं द्वारा इसका विरोध इसलिए भी हो रहा है। क्योंकि इस अभियान के तहत लोगों के बसे बसाए घर उजाड़े जा रहे हैं। लोगो की जिंदगी में अचानक से सरकार ने उथल पुथल मचा दी है और महिलाओं के मन मे भय है कि वह किस प्रकार परिस्थितियों का समाना करेंगी। क्या उनका जीवन जीवन सरकार के एक निर्णय से बिखर जाएगा।
विरोध प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं का कहना है कि सरकार के अभियान चलाने का तरीका गलत है. उनके पति और उनके परिवार के सदस्य निर्दोष हैं. महिलाओं की मांग है कि सभी आरोपियों की रिहाई की जाए।
जानकारी के लिए बता दें 14-18 साल की आयु वर्ग की लड़कियों की शादी करने वालों पर बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और ऐसी शादियों को अवैध करार दिया जाएगा। अगर नाबालिग से शादी करनेवाला दूल्हा भी नाबालिग है तो उसे सुधार गृह भेजा जाएगा. असम सरकार ने इसके लिए राज्यव्यापी अभियान चला रखा है।

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