बढ़ते कोरोना को लेकर इन देशों ने लगाई अंतराष्ट्रीय यात्रियों पर पाबंदी, WHO ने भी मांगी रिपोर्ट

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डेस्क। भारत, फ्रांस और ब्रिटेन समेत 10 देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए अपने नियमों को सख्त कर दिया हैं। वहीं भारत ने कहा है कि आरटीपीसीआर टेस्ट में निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही चीन से कोई भी व्यक्ति वापस भी आ सकता है। साथ ही इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन से कोरोना से हो रही मौत पर और अधिक डेटा की मांग भी की है। वहीं WHO ने चीन से यह भी कहा है कि वह कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर नियमित अपडेट भी दे। 
साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने यह कहा है कि उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ मुलाकात की और चीन में महामारी की स्थिति पर विशिष्ट और रियल टाइम आंकड़े की मांगे भी की हैं। वहीं WHO ने अधिक जेनेटिक सिक्वेंसिंग डेटा, अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या, ICU में भर्ती मरीजों की संख्या, मरीजों की मौत और टीकाकरण की स्थिति की जानकारी भी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण की आखिर क्या स्थिति है?
वहीं इंग्लैंड ने यह कहा है कि 5 जनवरी से चीन से आने वाले यात्रियों को विमान में सवार होने से दो दिन पहले का निगेटिव कोविड पीडीटी (pre-departure test) रिपोर्ट भी दिखाना होगा। साथ ही यूके सरकार ने कहा है कि ये कदम चीन से संभावित नए वेरिएंट का पता लगाने की देश की क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए एहतियाती और अस्थायी उपाय साबित होने वाला हैं। 
साथ ही भारत, अमेरिका, जापान, इटली और ताइवान ने चीनी से आने वाले यात्रियों की अनिवार्य कोरोना जांच करने की घोषणा भी की है। वहीं फ्रांस, स्पेन, दक्षिण कोरिया और इजराइल ने भी कहा है कि चीन से आने वाले यात्रियों को निगेटिव कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी दिखाना होगा। 
वहीं चीन के कोरोना संक्रमित लोग दूसरे देशों की यात्रा भी कर रहे हैं। और इटली के मिलान एयरपोर्ट पर यात्रियों की कोरोना टेस्ट से चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है। यहां चीन से आए यात्रियों की कोरोना जांच की गई तो 50 फीसदी से अधिक का रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया है।

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