कांग्रेस की बादाम पावर नीति क्या हिला देगी बीजेपी की नींव

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चुनाव– गुजरात मे इस दिसम्बर चुनाव होने को हैं। बीजेपी गुजरात मे बीते 30 साल से राज कर रही है। वही कांग्रेस सत्ता से 27 साल से बाहर है। इस बार गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी खुद को कांग्रेस की जगह बता रही है और कह रही है कि गुजरात मे बीजेपी की सीधी टक्कर आम आदमी पार्टी से है।
लेकिन कांग्रेस अपनी हाईड राजनीति से कही न कही गुजरात मे बड़ा दाव खेलने की फिराक में है। भले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुजरात दौरे पर न दिखाई दे रहे हो। लेकिन राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस को जमीनी स्तर पर जोड़ने में काफी हद तक सफल हो रही है। 
लेकिन इस बार गुजरात मे बीजेपी के लिए कांग्रेस की बादाम पॉवर सियासत भी समस्या बन सकती है। क्योंकि कांग्रेस बीजेपी को नाकों चने चबवाने के लिए इसी का सहारा ले रही है। बादाम पावर सामान्य तौर पर एक सियासी गठजोड़ है। जिसके आधार पर कांग्रेस गुजरात मे जमीनी राजनीति ही नही कर रही है अपने उम्मीदवार का चयन भी इसी के आधार पर कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक अभी हाल ही में कांग्रेस की एक बैठक हुई। जिंसमे कांग्रेस की ओर से प्रचार प्रसार के लिए इसी सियासी दाव के आधार पर रणनीति तैयार की जा रही है और इसी के आधार पर गुजरात मे बड़े नेताओं का दौरा फिस्क होगा।
अपनी बादाम पावर रणनीति के परिपेक्ष्य में गुजरात कांग्रेस प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कहा हम मैदान में नई रणनीति के साथ उतरेंगे। गुजरात मे इस बार कांग्रेस का नया रूप देखने को मिलेगा। हम राहुल के आठ वचन पत्र हम 1.65 करोड़ लोगों में डोर टू डोर जाकर बांट चुके हैं, चुनावों में इस रणनीति का परिणाम दिखेगा।

जाने क्या है बादाम पावर-

बादाम पावर का मुल अर्थ है। 
ब-बैकवर्ड
द-दलित
अ-आदिवासी
म-मुस्लिम
पावर- पावरफुल पटेल समुदाय
कांग्रेस इन सभी समुदाय के लोगो को केंद्र में रखते हुए। अपनी राजनीति करेगी और अपने प्रतिद्वंद्वी को मात देने हेतु अपने कदम आगे बढ़ाएगी।

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