स्मृति ईरानी ने किया लेखपाल को फोन तो उसने पहचानने से कर दिया इनकार, फिर जो हुआ

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डेस्क। हेलो दीपक जी, मैं स्मृति ईरानी बोल रही हूं …फोन डिस्कनेक्ट ..फिर सीडीओ ने नंबर डायल किया। हैलो लेखपाल जी, अंकुर को जानते हैं…..मैं स्मृति ईरानी बोल रही हूं साहब ….. अमेठी से सांसद। 

शनिवार को अमेठी जिले के दौरे पर आई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जब कादूनाला स्मारक पर शहीदों को पुष्प अर्पित करके लौट रही थी तो गौतमपुर पूरे पहलवान गांव निवासी करुणेश सिंह अपनी अर्जी लेकर उनके पास पहुंच गए। उन्होंने यह कहा कि पिता जी परिषदीय स्कूल में शिक्षक थे और उनकी मृत्यु हो गई है।

मां सावित्री देवी को पेंशन मिलनी है पर लेखपाल द्वारा सत्यापन नहीं किया जा रहा है। इस पर स्मृति ने लेखपाल का नंबर मांगा और सीडीओ ने तुरंत उसे डायल किया।

 पहली बार फ़ोन डिस्कनेक्ट हो जाने के बाद फिर से नंबर डायल किया तो लेखपाल दीपक कुमार केंद्रीय मंत्री को पहचान ही नहीं पाएं। वहीं स्मृति ने सीडीओ को फोन दिया तो लेखपाल सीडीओ को भी नही पहचान सके, इस पर सीडीओ ने लेखपाल को विकास भवन आकर उनसे मिलने को कहा।

करुणेश ने बताया कि लेखपाल द्वारा काम को लेकर टरका दिया जा रहा है वही इस संबंध में एसडीएम सविता यादव ने बताया कि लेखपाल को थोड़ा ऊंचा सुनाई देता है।

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