बिलकिस बानो का गैंगरेप:- रेप के आरोपियों की रिहही का जश्न देख बिलख उठी पीड़ित कहा, न्याय का अंत

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गुजरात: गुजरात का रंधिकपुर इलाका जो आज भी लोगो को सहमा देता है। नाम सुनते ही रूह कांप उठती है। क्योंकि इस इलाके में एक ऐसा जघन्य अपराध हुआ था जिसकी गूंज आज भी यहां उठती है। साल 2002 बिलकिस बानो गैंगरेप जिसे याद करने दिल दहल जाता है। इस रेप में अपराधियों ने क्रूरता की सभी हदे पार कर दी थी। महिला के परिवार के 14 सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। इन 14 सदस्यों में बिलकिस बानो की 3 साल की बेटी भी शामिल थी।

इस केस को सुनकर हर किसी ने अपराधियों के लिए सजा की मांग उठाई। सभी की एक आवाज में यही चाहत थी कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। इस मामले में सीबीआई ने जांच की और बॉम्बे सत्र अदालत ने 11 दोषियों को इस मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई। यह 11 दोषी बॉम्बे सत्र अदालत में सजा काट रहे थे की अचानक से गुजरात सरकार इन दोषियों पर मेहरबान हो गई और 15 अगस्त, 2022 को गोधरा जेल में सज़ा काट इन दोषियों की सजा को गुजरात सरकार ने सजा माफी नीति के तहत माफ कर दिया।
गुजरात सरकार का यह फैसला न तो विपक्ष को हजम हुआ और न लोगो को। क्योंकि इतने जघन्य अपराध की सजा को माफ करना कई संकेत दे रहा है। कांग्रेस ने सत्ताधारी सरकार पर सीधा प्रहार किया और कहा की भाजपा अपराधियों के समर्थन में है। वही जब यह अपराधी जेल से छूटे तो इनके गांव में जश्न का माहौल था। लोगो ने मिठाई बांटकर इनका स्वागत किया और साउंड बजाकर कई घरों में डांस किया गया। इन 11 लोगो मे से कुछ लोगो ने 15 तो कुछ लोगो ने 18 साल की सजा काट ली है।

जाने क्या बोली बिलकिस बानो:

बिलकिस बानो इन लोगो की रिहही से दंग रह गई। उन्होंने कहा मन मे डर है। बीते 20 साल का दर्द पुनः सामने आकर खड़ा हो गया है। सरकार के इस फैसले से मैं सुन्न हूँ। मुझे नही समझ आ रहा मैं क्या कहूं। किसी महिला के साथ हुए अपराध के न्याय का इस प्रकार अंत होता। मैंने सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास जताया था। मैं अपने दुख के साथ जी रही थी कि अचानक से मेरा अतीत मेरे सामने आकर खड़ा हो गया है। इन अपराधियों की रिहही से मुझे झझकोर दिया है। मेरा सुकून खत्म हो गया है मैं अब भरोसा नही कर पा रही हूं। उन्होंने आगे कहा यह मेरा विश्वास सिर्फ मेरे लिये नही बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए हल चुका है जो अदालत से न्याय की गुहार लगा रही है।
उन्होंने कहा, सरकार ने यह फैसला ऐसे ही ले लिया। उन्होंने एक दफा भी मेरी सुरक्षा के बारे में नही सोचा। उन्हें यह नही लगा की इन अपराधों के बाहर आने से मेरी क्या स्थिति होगी। सरकार से अपील है कि वह अपना निर्णय वापस ले लें और मुझे मेरा शान्ति से जीने का अधिकार वापस दें। सरकार मेरी और मेरे परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित करे।

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