डेस्क। आम आदमी पार्टी (AAP) के संस्थापकों में से एक कुमार विश्वास मश्हूर कवियों की सूची में भी शामिल हैं। उनकी कविताओं को दुनिया भर में सुना और पढ़ा जाता है।
‘कोई दीवाना कहता है’कविता ने लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता बहुत बढ़ा दी है। आज के समय में वह एक शो में शामिल होने के लाखों रुपये चार्ज करते हैं। वहीं हाल ही में कुमार विश्वास को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है।
इसी कड़ी में कवि अपने परिवार के साथ महाकाल के दर्शन करने उज्जैन गए वहां मीडिया से बात चीत करते हुए उन्होंने काफी कुछ बोला।
कवि कुमार विश्वास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब सावन में महाकाल के दर्शन हो, और पुण्य फलित होता है। आगे वो बोले कि जब सोमवार में सुबह सुबह भस्म आरती में दर्शन हों, और पुण्य फलित होता है जब एकादशी भी हो। मुझे लगता है यह ज्यादा पुण्यों का एक समूह इकट्ठा हुआ है जो आज मेरी दोनों पुत्रियां, मेरी पत्नी सहित हम सबने सपरिवार महाकाल को नमन किया और दर्शन पाएं। और अब दोपहर में हम महाकाल का अभिषेक करेंगे। कोरोना के बाद पूरी प्रकृति की ओर से हम महाकाल के दर्शन करने को आएं हैं।
इसके बाद एक पत्रकार के सवाल का उत्तर देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें सब पता है कि किसको क्या चाहिए उनसे भी मांगा जाए तो ये पिता के प्रति अपराध ही होगा। यहां से लेकर किसी भी बड़े तीर्थ पर मैंने आज तक कभी कुछ नहीं मांगा क्योंकि देने वाले भी यही हैं और लेने वाले भी।
