हरियाली अमावस्या: पितरों की शांति और पति की लंबी उम्र के लिए करें विशेष पूजा

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डेस्क। सावन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को हरियाली अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। हरियाली अमावस्या पर दान, स्नान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है।

हरियाली अमावस्या के दिन को पितरों की आत्मा की शांत के लिए श्राद्ध, तर्पण करने का भी विधान है। इस इस बार यह तिथि हरियाली अमावस्या आज मनाई जा रही है। हरियाली अमावस्या पर इस साल तीन विशेष राजयोग भी बन रहे हैं।

बता दें कि इस साल हरियाली अमावस्या पर शश, रुचक और हंस राजयोग का निर्माण होने वाला है। ये तीनों ही योग न्याय देव शनि, ग्रहों के सेनापति मंगल और देवगुरु बृहस्पति के संयोग से बन रहें हैं। इसके अलावा, गुरु-पुष्य योग भी हरियाली अमावस्या की शोभा बढ़ाने के लिए साथ आ रहा है। मांगलिक या शुभ कार्य करने के लिए यह योग बहुत ही शुभ बताया जाता है।

जानिए पूजन विधि-

हरियाली अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करें। इस दिन शादीशुदा महिलाओं को शिव-पार्वती की पूजा करने के बाद सुहाग की सामग्री को जरूरतमंदों में बांटनी चाहिए। जैसे कि हरी चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, लिपस्टिक आदि।

हरियाली अमावस्या के दिन पूजा और दान-धर्म से घर में आर्थिक संपन्न्ता बढ़ती है। इस दिन पीपल और तुलसी के पेड़ की पूजा करने से भी मनचाही वस्तु प्राप्त होती है। बतम दें कि  हरियाली अमावस्या पर भगवान को मालपुआ का भोग लगाएं और बाद में लोगों में वितरित कर दें।

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