श्री लंका:– आर्थिक संकट से जूझ रहे श्री लंका में इस समय हालात बेबदतर हो गए हैं। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे श्री लंका छोड़कर मालदीव भाग गए हैं वही खबर यह भी है कि अब यह मालदीव से श्री लंका जाने की योजना बना रहे हैं। जहाँ अभी तक खबर थी कि गोटबाया राजपक्षे अपने पद से इस्तीफा देकर गए हैं। वही अब स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने के कहा है कि अभी तक उन्हें राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का इस्तीफा नही मिला है।
जानकारी के लिए बता दें जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोला था। तो राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने यह घोषणा की थी कि वह 13 तारीख को अपने पद से इस्तीफा देंगे। लेकिन इस्तीफा देने से पहले वह मालदीव भाग गए। इनके मालदीव जाने के बाद श्री लंका में एक बार पुनः हालात बेकाबू हो गए। वही गोटाबाया राजपक्षे की अनुपस्थिति में रानिल विक्रमसिंघे को श्री लंका का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया गया। उन्होंने भड़की हिंसा पर काबू पाने के लिए देश मे आपातकाल लगा दिया। वहीं पुलिस लगातार हिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगो को हिरासत में ले रही है।
श्री लंका में जारी हिंसक प्रदर्शन के चलते राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने सैनिकों को इस हिंसा को रोकने के लिए हर सम्भव कदम उठाने की आजादी दी है। लेकिन इस सबके बाबजूद भी श्री लंका के सैनिक अपने पूरे बल का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। हालांकि हिंसा को रोकने के लिए सैनिकों द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। इस हिंसा के कारण श्री लंका में एक पुलिस अधिकारी और सेवा के एक जवान समेत कम से कम 84 लोग घायल हुए हैं।
