महाराष्ट्र:- महाराष्ट्र में शिवसेना का विरोध जारी है। एकनाथ शिंदे शिवसेना के 40 विधायकों के साथ जहां भाजपा में मिल गए ओर महाराष्ट्र को शिंदे के रूप में नया मुख्यमंत्री मिला। वही अब शिवसेना के सांसद संजय राउत पर दवाब बना रहे हैं कि वह एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करें। लेकिन राज्यसभा सांसद संजय राउत लगातार विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की तरफदारी कर रहे हैं।
वही इस बीच उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रपति चुनाव के परिपेक्ष्य में एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 18 लोकसभा सदस्य में से केवल 13 सदस्य शामिल हुए थे। राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा हुई ओर जब उनके सदस्यों ने द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की बात कही तो वह बैठक से उठकर चले गए थे। वही इस परिपेक्ष्य में राउत का कहना है कि उन्हें सामना दफ्तर में कुछ काम था जिसके चलते वह चले गए थे।
उन्होंने कहा, मैं नाराज नही हूँ मेरे बैठक से चले जाने की खबर जिसने दी वह लोग मूर्ख है। आज आदिवासी इलाके के कई कार्यकर्ता शिवसेना के साथ काम कर रहे हैं। कल हमारी बात द्रौपदी मुर्मू के समर्थन पर हुई थी। हम सबकी राय समझते हैं। द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करना बीजेपी का समर्थन करना बिल्कुल नही है। हम एक दो दिन में राष्ट्रपति को लेकर अपनी भूमिका साफ कर देंगे। जल्द ही इस विषय मे उद्धव ठाकरे फैसला लेंगे।
