Forest Act: वन अधिनियम में सजा का प्रावधान हुआ खत्म, मंत्रालय ने तैयार किया खाखा, जनता की राय पर आएगा कानून

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Forest Act: केंद्र की मोदी सरकार ने वन अधिनियम में संसोधन कर इसके उल्लंघन में मिलने वाली सजा के प्रावधान को खत्म करने जा रही है। हालाकि विपक्ष केंद्र सरकार के इस निर्णय की कड़ी आलोचना कर रहा है। राहुल गांधी ने जहां वन संरक्षण अधिनियम में होने वाले संसोधन को लेकर मोदी सरकार को घेरा है वही प्रियंका गांधी ने इस अधिनियम को लेकर कहा है कि यह छलावा है। 

जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार वन अधिनियम में संसोधन कर न सिर्फ इसके उल्लंघन की सजा को खत्म करने की फिराक में है अपितु वह इस संशोधन के तहत राज्यों को वनों से संबंधित उनके अधिकार क्षेत्र में भी बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। सरकार इस काम को पूरा करने हेतु भारतीय वन अधिनियम 1927 में संशोधन करने जा रही है। 
केंद्र सरकार के नए नियमों के मुताबिक जो वन संरक्षण कानून का उल्लंघन करेगा उसे अब सजा के तौर पर महज 500 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। इस संशोधन को लेकर मंत्रालय ने मसौदा तैयार कर लिया है। अब जनता से वन संरक्षण कानून को लेकर राय मांगी गई है। जनता ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से इस कानून में होने वाले संशोधन के लिए अपनी राय दे सकती है। जनता की राय 31 जुलाई तक ली जाएगी। जानकारी के लिए बता दें अभी भारतीय वन अधिनियम 1927 के प्रावधानों के तहत वन क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने की स्थिति में जेल की सजा और जुर्माना का प्रावधान है।

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