डेस्क। क्या आप क्लास में टीचर्स से सवाल पूछते है। इतना कि टीचर परेशान हो जाए। कई बार टीचर्स बच्चों के सवालों में इतना उलझ जाते हैं कि वह चिड़चिड़ापन में आकर गुस्सा हो जाते हैं या चिल्ला देते हैं। पर एक शिक्षक का काम होता है कि वह अपने छात्रों को अच्छे से पढ़ाये और उनके सवालों का जवाब देकर उनके सभी संशयों को दूर करे। पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक छात्रा को उसकी शिक्षिका ने इसलिए फेल कर दिया , क्योंकि वो पढाई से संबंधित काफी सवाल पूछा करती थी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षिका ने पढाई से संबंधित काफी सवाल पूछने वाली एक छात्रा को दसवीं की परीक्षा में पहली श्रेणी में पास होकर भी पूरक परीक्षा दिलाने के लिए मजबूर कर दिया।
इसपर बच्ची के परिजनों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में शिक्षिका से पूछताछ की तो उनको समझ आया कि उनकी बच्ची को क्यों फेल कर दिया गया। नाराज परिजनों और छात्रा ने टीचर के इस कृत्य के लिए थाने में उसके खिलाफ शिकायत की है। पर रतनपुर पुलिस ने इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं की।
विस्तार से जानिए पूरा मामला
जानकारी के अनुसार , कोटा विकासखंड के सेमरा नामक एक गांव की रहने वाली जयंती साहू ने यह शिकायत दर्ज की है। यह छात्रा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपोरा में 11वीं में पढ़ती है।उसके पिता गुलाब साहू स्वयं भी शासकीय हाई स्कूल बछालीखुर्द में व्याख्यता और प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं।
जयंती ने इस साल 10वीं की परीक्षा दी थी, लेकिन जब बोर्ड परीक्षा के नतीजे आये तो सभी लोग हैरान रह गए। छात्रा जयंती को परीक्षा में 68 प्रतिशत मिले थे,लेकिन उसे गणित के प्रैक्टिकल में अनुपस्थित बताया गया था, जिस कारण से उसे पूरक परीक्षा देनी पड़ेगी।
जयंती ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया है कि वो पूरे 6 विषयों की प्रायोगिक परीक्षा में शमिल हुई थी,इस दौरान उसने उपस्थिति पत्रक में दस्तखत भी किए थे, फिर भी उसे अनुपस्थिति बताकर, अनुत्तीर्ण कर दिया गया । इस संबंध में जब जयंती के पिता ने गणित की टीचर प्रिया वासिंग को फोन किया ,तो उसने बताया कि छात्रा ने कक्षा में पूरे साल सवाल पूछकर उसे बहुत परेशान कर दिया था, इस कारण उसने जयंती को सबक सिखाने के लिए उसे प्रायोगिक परीक्षा में अनुपस्थित बताकर लिस्ट भेज दी।
