डेस्क। लंबे समय से ज्ञानवापी मस्जिद की वकालत कर रहे हैं असदुद्दीन ओवैसी मस्जिद परिसर के अंदर शिवलिंग मिलने के डालने के बाद से ही बौखला उठे हैं। यह दावा कितना सच्चा है यह कल कोर्ट में रिपोर्ट के साथ ही सिद्ध हो जाएगा पर उससे पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक सियासत बहुत तेज हो गई है।
मंदिर में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने लगातार इस मुद्दा पर कई बयान दिए हैं। यूपी से लेकर केंद्र और केंद्र से लेकर अन्य राज्यों तक ये मुद्दा आग की तरह फैल रहा है। इसी कड़ी AIMIM अध्यक्ष फिर से कुछ ऐसा बोल पड़े की विवादित बयानों की सूची में उन्होंने पहला स्थान पा लिया।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शिवलिंग मिलने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद थी और इंशाअल्लाह कयामत तक ज्ञानवापी मस्जिद ही रहेगी।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि जब मैं 20-21 साल का था तो बाबरी मस्जिद को हमसे छीन लिया गया, लेकिन अब फिर से 20-21 साल की उम्र के बच्चों के सामने ज्ञानवापी मस्जिद को हम नहीं खोएंगे।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे भी इस बात का निश्चय करें कि किसी भी मस्जिद को कभी नहीं खोएंगे।
इसी कड़ी में आपको बता दें की विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब इन सबकी कयामत आने वाली है, ये खुद ही उसको (कयामत को) आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे से पहले ये उसका विरोध कर रहे थे और बाधा ड़ाल रहे थे अब सब सच सामने आ गया तो ये हारे हुए कयामत की तरफ मुख कर रहे हैं।
