श्री लंका| आर्थिक संकट से जूझ रहे श्री लंका में विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। यहां नागरिक लगातार राजपक्षे ब्रदर्स के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। श्री लंका की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब यहां के लोगो को खाने के लाले पड़ रहे हैं। वही सचिवालय के बाहर प्रधानमंत्री महिंदा राजपूत और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के विरोध में राजधानी कोलंबो में समुद्र तट गले फेस पर भारी भीड़ जमा हो गई है।
प्रदर्शकारियों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है। लोगो ने कहा यह सरकार भाई भतीजा वाद का गढ़ है। इन लोगो ने सालों तक हमसे पैसा लिया। हम इनकी नीतियों से ऊब गए हैं। यह देश मे तानाशाही कर रहे हैं। पूरी सरकार भाई भतीजावाद की रणनीति से बनी हुई है और उसी के आधार पर चलती है। इन्हें जनता की समस्याएं नहीं दिखाई देती।
नागरिकों में आगे कहा, महिंदा राजपक्षे और गोटबाया राजपक्षे दोनो भाई है। जब से इन्होंने हमारे देश की बागडोर संभाली है हमारे देश की कोई सम्रद्धि नहीं हुई यह दोनो यहां से अब चले जाएं। नागरिकों का कहना है कि जब तक श्री लंका का नेतृत्व राजपक्षे भाइयों के हाँथ में रहेगा। देश मे आर्थिक संकट ठीक नहीं होगा। लोग इन्हें अत्याचारी कहकर भी सम्बोधित कर रहे हैं।
