दिल्ली एक ओर बीरभूम में हुई हिंसा को लेकर पूरा विपक्ष ममता सरकार की लताड़ लगा रहा है उन्हें राज्य सभा और लोक सभा के सदन में खरी खोटी सुनाई जा रही है। पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था को लेकर अनेकों सवाल उठाए जा रहे। कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी से इस संदर्भ में जांच करने के आदेश को छीन लिया है और यह मामला अब सीबीआई के हाथों में सौंप दिया है।
वही टीएमसी सरकार पक्ष लेते हुए पार्टी सांसद डोला ने सीएम ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था उम्दा है। वह सभी के साथ न्याय प्रिय नीति आपनाती है। उन्होंने वर्ष 2012 की घटना का जिक्र करते हुए कहा, जब 2012 में एक घटना हुई थी तो वहां काउंसलर थे शंभू काऊ, उनको आज भी जेल से बाहर नहीं आने दिया। ममता बनर्जी कभी भी यह नहीं सोंचती की सामने वाला व्यक्ति कौन है वह बस सही और गलत देखती है।
उन्होंने विपक्ष पर वार किया ओर कहा, गुजरात में भाजपा की सरकार थी वहां क्या हुआ, यह बताने की जरूरत नहीं है. गोधरा में जेनोसाइड हुआ. मोदी की बीजेपी की ओर से मुझे कुछ सलाह लेने की जरूरत नहीं है। वही बीरभूम की घटना निंदनीय है वहाँ जो हुआ वह गलत था। लोगो को न्याय मिलेगा क्योंकि ममता के राज में सभी को न्याय मिलता है।
