कोमिल्ला में दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले को लेकर वहां के गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने घटना बहुत गंभीरता से ली

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बांग्लादेश के कोमिल्ला में दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले को लेकर वहां के गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने बयान जारी किया है और कहा है कि कोमिल्ला में जो घटना हुई है उसे हम बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. गृहमंत्री असदुज्जमां ने स्पष्ट कहा कि पूरी घटना के पीछे साजिश का पता चलता है

उन्होंने कहा कि अगर हम इस घटना को गहराई से देखें तो यह घटनाएं सिर्फ कोमिल्ला में ही नहीं हुई, रामू में भी हुई और नासिर नगर में भी हुई. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के पीछे का मकसद तनाव पैदा कर एक अराजक माहौल बनाना था.

‘हमने मिलकर आतंक का मुकाबला किया’

असदुज्जमां कमाल ने कहा, ‘हमारे देशवासी धर्मांध नहीं हैं. हमने कभी भी यहां आतंकी वातावरण पैदा नहीं होने दिया और हिंदू मुस्लिम सिख सब लोगों ने मिलकर आतंकी घटनाओं और लोगों का मुकाबला किया है. कोमिल्ला के बाद भी विभिन्न जगहों पर कई घटनाएं हुई हैं. जैसे नोआखली में हुई, चांदपुर में चार लोगों की मौत हुई. इसके अलावा फेनी में हुई है और कोक्सबाजार में हुई है. ये सब छोटी घटनाएं थीं लेकिन मौतें चांदपुर और नोआखली में हुईं.’

बांग्लादेश के गृहमंत्री ने इन घटनाओं के हताहतों के प्रति दुख जाहिर किया, साथ ही कहा कि हम इस बात को लेकर सुनिश्चित हैं कि योजनाबद्ध तरीके से अस्थिर हालात पैदा करने के लिए और हमारे देश के आपसी भाईचारे को बिगाड़ने के लिए यह घटनाएं की गई हैं.

वहीं, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि कोमिल्ला जिले में हुई घटना की जांच की जा रही है. हिंदू मंदिरों में और दुर्गा पूजा के पंडालों में जिसने भी हमला किया है, उनमें से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इन उपद्रवियों का धर्म कौन सा था. इन हमलों के पीछे वही लोग हैं जो जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रहे हैं. 

क्या हुआ था कोमिल्ला में?

बीते  बुधवार को बांग्लादेश में चांदीपुर के हाजीगंज उपजिला में दुर्गा पूजा समारोह के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई और करीब 60 लोग घायल हो गए. इस दौरान चटगांव के बांसखाली, कॉक्स बाजार के पेकुआ और शिवगंज के चापाईनवाबगंज समेत कुल 80 से अधिक स्थानों पर हमले किए गए, जिससे बांग्लादेश में अशांति फैल गई.

रिपोर्ट्स के अनुसार, एक फेसबुक पोस्ट में कुरान के कथित अपमान की अफवाह से जुड़ा सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ था जिसके बाद इस क्षेत्र में हिंसा भड़क गई थी. वहीं, इसके बाद शनिवार को इन हमलों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर भी हमले हुए और फिर ढाका से लगभग 157 किलोमीटर दूर फेनी में हिंदू-स्वामित्व वाले मंदिरों व दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई. झड़पों में फेनी मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी निजामुद्दीन सहित कम से कम 40 लोग घायल हो गए.

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