पूरे भारतवर्ष में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की पुण्यतिथि मनाई गई

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शेखर की रिपोर्ट

ठन गई मौत से ठन गई, जूझने का मेरा इरादा ना था ,मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था,रास्ता रोककर वह खड़ी हो गई ,यो लगा जिंदगी से बड़ी हो गई।

कभी महज 2 सीटों वाली पार्टी रही भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनाने की उपलब्धि केवल अटल बिहारी वाजपेई की भारतीय राजनीतिक में सहज स्वर भी कार्यकर्ताओं की बूते की बात थी जिसे भागते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी लालकृष्ण आडवाणी को पीछे रखकर बाजपेई को आगे बढ़ाना पड़ा था बाजपेई तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे पहले 13 दिन तक फिर 13 महीने तक और उसके बाद 1999 से 2004 तक का कार्यकाल उन्होंने पूरा किया इस दौरान उन्होंने यह साबित किया कि देश में गठबंधन सरकार को भी सफलता से चलाया जा सकता है राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया वह बाजपेई की कुशलता ही कही जाएगी उन्होंने एक भारत से दक्षिण पद की राजनीति को भारतीय जनमानस ने इस तरह रचा बसा दिया जिसके चलते एक दशक बाद भारतीय जनता पार्टी ने वह बहुमत हासिल कर दिखाया जिसकी एक समय ने कल्पना भी नहीं की जाती थी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की आज दूसरी पुण्यतिथि है जहां एक तरफ राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से लेकर दूसरे देश आज उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल समाधि स्थल संदेश अटल जाकर पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि अर्पित की पीएम ने ट्वीट कर कहा कि देश के विकास में आप के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा

शिवराज सिंह चौहान को याद करते हुए भारत की राजनीति की दिशा अगर किसी ने बदली थी तो अटल जी ने बदली थी उस समय कल्पना नहीं कर सकते थे कि नेहरू जी की टक्कर में कोई खड़ा हो सकता है कांग्रेस के विरोध की कल्पना ही बड़ी कठिन थी। अटल बिहारी वाजपेई की बेटी नमिता कॉल भट्टाचार्य और पोती निहारिका ने भी दूसरी पुण्यतिथि पर अटल बिहारी के श्रद्धांजलि अर्पित कर भावुक हो उठी उन्होंने कहा कि अटल जी के विचार को केंद्र में रखकर सुशासन व गरीब कल्याण के मार्ग पर अग्रसर है और भारत को विश्व में एक महाशक्ति बनाने के लिए कटिबद्ध है आपको बताते जाए कि 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेई की लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त 2018 को दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया था उनके निधन के बाद दिल्ली में ही अटल समाधि स्थापित की गई थी ऐसे गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किए थे

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