बोकारो से शेखर की रिपोर्टर
मां-बाप की सबसे लाडली पांच बेटी में से सबसे छोटी बेटी श्वेता पढ़ने में तेज और होनहार बेटी यूपीएससी का तैयारी कर रही थी बोकारो के सेक्टर 9b स्ट्रीट 11 के आवास संख्या 121 की निवासी श्वेता सुबह 8:00 बजे आनंद होटल पहुंची और कहां कि मुझे रूम चाहिए मैं धनबाद से आयी हूं मेरे पिताजी रिटायर है बोकारो स्टील प्लांट में कार्य करते थे उसी सिलसिले में मुझे कुछ काम है शाम 5:00 बजे तक मैं चली जाऊंगी इसके बाद वह रजिस्ट्री में अपना नाम पता लिखिए पहचान पत्र के तौर पर उसने आधार कार्ड दिया और कहां की फोटो कॉपी कराकर उसे वह वापस कर दे युक्ति को कम संख्या 303 किया गया लगभग 1 घंटे बाद आधार कार्ड की फोटो कॉपी करा कर दूसरा वेटर उदय यूपी के कमरे में ओरिजिनल कॉपी वापस करने गया दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांका तोदेखा की युक्ति का लाश पंखे से लटका हुआ था दौड़े-दौड़े नीचे जाता है और वह होटल के मैनेजर महेश कुमार को बताता है महेश कुमार ने सूचना पर सेक्टर 4 का थाना इंचार्ज विनोद कुमार गुप्ता समेत अन्य अधिकारी पहुंचे युक्ति के आधार कार्ड के आधार पर उसकी पिता रविंद्र कुमार पंडित मां दुर्गावती पंडित और बहन नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ शाखा में कार्यरत बहन प्रिया को बुलाया गया
पुलिस कमरे के अंदर दाखिला हो कर शव को नीचे उतारा कमरे में एक सुसाइड नोट मिला और साथ में बैक था उस सुपरहिट में सत्येंद्र नाम के व्यक्ति का जिक्र है जिसके द्वारा बदनाम करने की बात लिखी हुई है जानकारी के मुताबिक मृतक का ट्यूशन पढ़ने की बात कह कर घर से निकली थी और वह यूपीएससी की तैयारी कर रही थी मंगलवार सुबह लगभग 7:00 से 9:00 घर से निकली थी सुसाइड नोट में वह अपनी मां से माफी मांग रही थी तो वही वह सत्येंद्र को कोष भी रही थी कमरे से मोबाइल फोन और सुसाइड नोट को खंगालने में जुट गई है ऐसे में सवाल यह उठता है कि होटल संचालक ने युवती को कमरा कैसे दिया लेकिन कुछ सवाल है जो लापरवाही को क्या करें कर रहे हैं पहली बात बैंक खुलने का समय सुबह 10:00 बजे है ऐसे में कोई दूसरी से सुबह 8:00 बजे पुकारो क्यों पहुंचेगा इस बात को बैंक मैनेजर या उसके मैनेजर ने नजरअंदाज किया फिलहाल पुलिस ने शव को उनके परिजन को सौंप दिया है आखिरकार सुसाइड के बाद कई सवाल अपने पीछे छोड़ कर गई कौन है सत्येंद्र?
