आप का निगम पर एक और आरोप- सड़क किनारे फूड कोर्ट खोलने का निगम का लिया गया फैसला गलत

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने नगर निगम पर एक और आरोप लगाया है। आप के मुताबिक दक्षिण एमसीडी ने सड़क किनारे रेस्टोरेंट-फूड कोर्ट खोलने के लिए स्थायी लाइसेंस देने की योजना पास की है। यह योजना पुराने वेंडरों और दिल्लीवासियों के खिलाफ है। दिल्ली में इस योजना से बड़े पैमाने पर अराजकता पैदा हो जाएगी। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, “सड़कों पर बैठे पुराने लोगों को अभी तक वेंडिंग जोन में जगह नहीं मिली है, जबकि इस पॉलिसी से नए दुकानदार और तैयार हो जाएंगे। योजना में नियम है कि रेस्टोरेंट खोलने के लिए लाइसेंस स्थानीय पार्षद से लेना होगा। पार्षदों को करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार की नई स्कीम लेकर आए हैं। आरडब्ल्यूए के लोगों को पॉलिसी के संबंध में पता ही नहीं है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि भाजपा तुरंत इस योजना को वापस ले।”

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने पार्टी मुख्यालय में कहा, “दिल्ली के अंदर आप सभी लोग जानते हैं कि जगह-जगह ट्रैफिक जाम की परेशानी है। दिल्ली में जगह जगह पर नई गैर-आधिकारिक दुकानें खुलती जा रही हैं। उनको पार्षदों और नगर निगम का संरक्षण है। अब यह एक नई स्कीम लेकर आए हैं। दक्षिणी नगर निगम ने बुधवार को अपने हाउस की बैठक में पॉलिसी पास की है। नई पॉलिसी कहती है कि सड़क के किनारे रेस्टोरेंट, फूड ट्रक सहित अन्य तरीके से खाद्य पदार्थो की बिक्री के लिए स्थाई लाइसेंस दिए जाएंगे। दिल्ली नगर निगम से जाते-जाते भाजपा सड़कों और निगम की जो जमीन बची हुई है, वहां पर स्थाई रूप से रेस्टोरेंट्स बनाने की तैयारी कर रही है।”

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि, “केंद्र सरकार ने स्ट्रीट वेंडर प्रोटेक्शन एक्ट एक कानून बनाया था। जिसके अंदर बीसों सालों से जो वेंडर सड़कों के किनारों पर बैठे हैं, उनका सर्वे कर पहचान करनी थी। स्ट्रीट वेंडर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत जो लोग आते हैं और योग्य हैं, उनको वेंडिंग जोन के अंदर दुकानें देनी थी। भाजपा अगर नई हजारों दुकानें-रेस्टोरेंट्स दिल्ली की सड़कों पर खोल देगी, तो यह लोग भी उन्हीं वेंडिंग जोन के अंदर दुकानें मांगेंगे।”

आप के मुताबिक, “सड़कों पर जो पुराने लोग बैठे हैं, उनको अभी तक वेंडिंग जोन के अंदर जगह नहीं मिली है। ऐसे में इस पॉलिसी से नए दुकानदार और तैयार हो जाएंगे। यह आम जनता, यातायात और गाड़ी चलाने वाले लोगों के लिए ना सिर्फ एक नया सर दर्द होगा, बल्कि जो पुराने बैठे हुए हैं उनके लिए भी परेशानी खड़ा करेगा। दिल्ली के अंदर अराजकता फैलाने की कोशिश है। यह एक नई लूट की स्कीम है।”

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