student murder in jaunpur : शाहगंज नगर के अयोध्या मार्ग स्थित गोशाला के समीप निवासी पैथालाजी संचालक के सात वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शव देररात नगर से एक पंप हाउस पर मिला। पुलिस इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने बताया कि बच्चे का उसके घर के पास ही रहने वाले शिवम श्रीवास्तव व आकाश कुमार ने अपहरण किया था। इनमें से एक छात्र कुछ समय पहले तक अभिषेक को ट्यूशन पढ़ाता था। पुलिस का दावा है कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर अभिषेक का अपहरण किया और फिर मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने चोरी के मोबाइल से फिरौती के लिए मैसेज किया था।
एसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि शाहगंज बाजार में अभिषेक के घर से कुछ दूरी पर किराए के मकान में रहने वाले शिवम श्रीवास्तव और आकाश कुमार आईटीआई के छात्र हैं। कुछ समय पहले तक शिवम ही अभिषेक को ट्यूशन पढ़ाता था। लिहाजा उसका अभिषेक के घर अक्सर आना-जाना था। शिवम को जानता था। अपहरण के बाद दोनों बच्चे को लेकर मोटरसाइकिल से नगर से थोड़ी दूर पंप हाउस पर ले गए। जहां बच्चे द्वारा शोर मचाए गया। इस दौरान दोनों ने मफलर से गला घोंंट कर उसकी हत्या कर दी ।
जानकारी होने पर दोनों से पूछताछ की जा रही है। दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस जब तक बच्चे तक पहुंचती उसकी मौत हो चुकी थी। इस मामले में दोनों को हिरासत में गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ सरपतहां व शाहगंज थाने में कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज है।
पुलिस सूत्रों अनुसार बच्चा बालक का घर से थोड़ी दूर रह रहे शिक्षक के पास ट्यूशन के लिए जाते समय शनिवार की सुबह करीब दस बजे अपहरण किया गया था। दोपहर बाद के करीब तीन बजे मैसेज करके अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के पिता से सात लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।अयोध्या मार्ग स्थित गोशाला के समीप दीपचंद यादव रहते हैं और बीबीगंज में पैथोलाजी का संचालन करते हैं। उनका पुत्र अभिषेक (7) इसी मार्ग पर स्थित साउथ इंडियन स्कूल में यूकेजी का छात्र है। लाकडाउन में विद्यालय बंद होने की वजह से पढ़ाई के लिए अभिषेक समीप के यादव कालोनी में रह रही एक शिक्षक के पास ट्यूशन के लिए प्रतिदिन जाया करता है।
नित्य की भांति शनिवार की सुबह करीब 10 बजे अभिषेक अपने घर से शिक्षक के घर के लिए निकला, लेकिन वहां नहीं पहुंच पाया। इसी बीच रास्ते में ही अज्ञात बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। पहले तो अपहरण की घटना से अनजान परिवार वाले उसकी तलाश संभावित स्थानों पर करते रहे थे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इस बीच पिता दीपचंद के मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें लिखा गया था कि बच्चे का अपहरण कर लिया गया है और फिरौती के रूप में सात लाख रुपये दिया जाए नहीं तो बच्चे की जान ले ली जाएगी। अपहरणकर्ताओं ने पुलिस को सूचना देने से भी मना किया था। बच्चे के अपहरण की जानकारी मिलने पर अपहृत बच्चे के परिवार व सगे संबंधी उसके घर पहुंचने लगे। घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

