IGI एयरपोर्ट : टर्मिनल वन तक शटल बस सेवा से चलाया जा रहा है काम

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पश्चिमी दिल्ली। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आइजीआइ) से नियमित बस सेवा लॉकडाउन से पहले की तरह अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। जबकि आज से एक साल पहले दिल्ली सरकार ने अध्ययन के आधार पर आइजीआइ एयरपोर्ट से दिल्ली के विभिन्न मार्गों पर बसों को बढ़ाने के साथ अन्य नए मार्गों पर बसें चलाने की योजना बनाई थी।

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आइजीआइ एयरपोर्ट तीन व दो से टर्मिनल वन तक शटल तक ही बस सेवा सवारियों को उपलब्ध हो पा रही है। चूंकि अभी तक एयरपोर्ट पर यात्री कम आ रहे हैं इस लिहाज से डीटीसी बसों की संख्या व इनके फेरे भी बढ़ाने में संकोच कर रही है है।

अभी महज आइजीआइ एयरपोर्ट तीन व दो से टर्मिनल वन तक शटल तक ही बस सेवा सवारियों को उपलब्ध हो पा रही है। चूंकि, अभी तक एयरपोर्ट पर यात्री कम आ रहे हैं इस लिहाज से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) बसों की संख्या व इनके चक्कर भी बढ़ाने में संकोच कर रही है है। अभी महज आइजीआइ एयरपोर्ट टर्मिनल तीन से कश्मीरी गेट तक डीटीसी की बसें नियमित तौर पर चलाई जा रही है। लॉकडाउन से पहले आइजीआइ एयरपोर्ट के टर्मिनल दो से बदरपुर, आनंद विहार, अंतरराज्यीय बस अड्डा, नोएडा सेक्टर 62, टीकरी बॉर्डर और आइजीआइ टर्मिनल तीन से कश्मीरी गेट तक डीटीसी की बसें नियमित तौर पर चला करती थी।

अभी तक डीटीसी की इन बसों का परिचालन भी सामान्य नहीं हो पाया है। एक साल पहले डीटीसी ने आइजीआइ एयरपोर्ट से तीन नए मार्गों पर बसें चलाने की योजना बनाई थी। इसमें रिठाला, आजादपुर के साथ नजफगढ़ तक बसें चलानी जानी तय थी। इन बसों को इन मार्गों पर नहीं उतारा जा सका। नई योजना के तहत नाइट सर्विस में सुधार कर 30 मिनट के बजाए 15 से 20 मिनट के अंतराल पर बसें चलाने की योजना भी थी। लॉकडाउन के पहले तक नाइट सर्विस के तहत 21 विभिन्न मार्गों पर डीटीसी की बसें चलती थी। नई योजना में नाइट सर्विस के तहत और 10 नए मार्गों पर डीटीसी की बसों का चलाया जाना तय था।

अलबत्ता, नई योजना तो लागू नहीं हो सकी पहले की तरह रात के समय बसों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। दरअसल, एक साल पहले एक दिल्ली सरकार एक अध्ययन के आधार पर आइजीआइ एयरपोर्ट पर हर साल साढ़े छह करोड़ उतरनेवाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर जो योजना बनाई गई थी। इसी अध्ययन के आधार पर पहले चरण में डीटीसी के साथ क्लस्टर बसों को विभिन्न मार्गों पर उतारा जाना था। वहीं मिनी बसें, आरटीवी और ग्रामीण सेवा के साथ बसों के मार्गों में बदलाव किया जाना था।

चूंकि, लॉकडाउन के दौरान एयरपोर्ट पर उतरनेवाले यात्रियों की संख्या 25 फीसद रह गई। ऐसे में डीटीसी ने अपनी सेवाएं कम कर दी। हालांकि, पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। आइजीआइ एयरपोर्ट पर उतरनेवाले यात्रियों की संख्या बढ़ रही है लेकिन डीटीसी बसों की संख्या व चक्कर नहीं बढ़ा पा रहा है। यह कमी यात्रियों को खल रही है।