बिहार के पूर्वे मुख्यमंत्री भाेला पासवान शास्‍त्री के वंशज तरस रहे पहचान को…

[object Promise]

पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड की एक पंचायत गणेशपुर का एक गांव है बैरगाछी, जहां मुफलिसी में जी रहे एक परिवार को सहायता से ज्यादा जरूरत पहचान की है। इस गांव ने न सिर्फ बिहार, बल्कि देश की सियासत को एक नई दिशा दी। अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति पहली बार बिहार का मुख्यमंत्री बना। भोला पासवान शास्त्री तीन-तीन बार मुख्यमंत्री रहे। उनकी सादगी और ईमानदारी की मिसाल दी जाती रही है। मुफलिसी में जिंदगी गुजार रहा उनका परिवार आज अपनी पहचान को तरस रहा है।

गुमनामी में जी रहे स्‍वजन, माली हालत बहुत ही खराब

बैरगाछ़ी गांव के लोगों की माली हालत अच्छी नहीं कही जा सकती है। उनमें पूर्व मुख्यमंत्री के स्वजन भी हैं। सब मजदूरी कर गुजर-बसर करते हैं। चूंकि शास्त्री जी का कद बहुत बड़ा था, इसलिए आज भी हर राजनीतिक दल के नेता-मंत्री उनकी जयंती पर गांव आते हैं। यह और बात है कि उस परिवार को किसी ने नहीं पूछा, जो उनका असली वारिस होने का दावा करता है। जयंती हो या कोई भी आयोजन, उन्हें बुलावा नहीं आता। अभी तक लोग बिरंची पासवान को ही जानते हैं, जो खुद को उनका भतीजा बताते हैं।

परिवार में 30 सदस्‍य, परपोते ने इस साल किया 10वीं पास

भोला पासवान शास्त्री की कोई संतान नहीं थी। तीन भतीजे थे, जो अब जीवित नहीं हैं। उन्हीं का वंश चला आ रहा है, जिसमें उनके एक परपोते बिट्टू पासवान ने इस साल मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा पास की है। अन्‍य बच्चे गांव के ही स्कूल में पढ़ने जाते हैं। परिवार में कुल 30 सदस्य हैं। आज तक कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं पा सका। गांव में पेयजल और शौचालय की कमी है। हां, जब से भाेला पासवान शास्त्री की जयंती मनाई जाने लगी, तब से पक्की सड़क जरूर बन गई है।

वंशजों का दावा: दूसरे लेते रहे मदद, मामले की जांच शरू

खुद को उनका भतीजा बताने वाले बिरंची पासवान को गाहे-बगाहे राजनीतिक दलों से मदद मिलती रही है। प्रशासन भी सहयोग करता रहा है। लेकिन अब पूर्व मुख्‍यमंत्री के रक्त संबंधियों ने पहली बार जिलाधिकारी को आवेदन देकर बताया है कि वे लोग ही उनके असली वारिस हैं, उन्हें पहचान चाहिए। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। गांव के टुनटुन पासवान कहते हैं, ”हमने प्रशासन को वंशावली दी है। हमलोग शास्त्री जी के सगे भाई के वंशज हैं, लेकिन हमारी कोई पहचान नहीं। हमें इसका दर्द है।”

रिसों को पहचान दिलाने में मदद करेगी ग्राम कचहरी

गणेशपुर पंचायत की सरपंच किरण चौधरी कहती हैं कि शास्त्री जी के असली वारिस वाकई गुमनाम हैं, यह बात आहत करती है। ग्राम कचहरी की अोर से इस दिशा में पहल की जाएगी। गणेशपुर पंचायत के पूर्व मुखिया सुरेन्द्र चौधरी ने भी कहा कि बिरंची पासवान ही शास्त्री जी का भतीजा होने का श्रेय लेते रहे हैं।

वंशज होने का श्रेय लेने वाले ने दी थी मुखाग्नि

भोला पासवान शास्‍त्री का वंशज होने का श्रेय लेते रहे बिरंची पासवान स्वीकार करते हैं कि शास्त्री जी के पिता या भाई से उनका सीधा संबंध नहीं है, पर रिश्ते में भतीजा हैं। शास्त्री जी को मुखाग्नि भी दी थी। केनगर के बीडीओ राजेश ठाकुर ने बताया कि वारिस की दावेदारी के संबंध में जांच का आदेश मिला है। वंशावली के आधार पर जांच की जा रही है।

ईमानदारी के लिए जाने जाते थे भोला पासवान शास्त्री

भोला पासवान शास्त्री का जन्म 21 सितंबर 1914 और निधन 1984 में हुआ था। उनकी कोई संतान नहीं थी। वे 1968 से 1972 के बीच तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वे अपनी सादगी व ईमानदारी के लिए जाने जाते थे।

Hot this week

Now Is the Time to Think About Your Small-Business Success

Find people with high expectations and a low tolerance...

Program Will Lend $10M to Detroit Minority Businesses

Find people with high expectations and a low tolerance...

Kansas City Has a Massive Array of Big National Companies

Find people with high expectations and a low tolerance...

Olimpic Athlete Reads Donald Trump’s Mean Tweets on Kimmel

Find people with high expectations and a low tolerance...

The Definitive Guide To Marketing Your Business On Instagram

Find people with high expectations and a low tolerance...

Topics

Now Is the Time to Think About Your Small-Business Success

Find people with high expectations and a low tolerance...

Program Will Lend $10M to Detroit Minority Businesses

Find people with high expectations and a low tolerance...

Kansas City Has a Massive Array of Big National Companies

Find people with high expectations and a low tolerance...

Olimpic Athlete Reads Donald Trump’s Mean Tweets on Kimmel

Find people with high expectations and a low tolerance...

The Definitive Guide To Marketing Your Business On Instagram

Find people with high expectations and a low tolerance...

How Mary Reagan Gave Glamour and Class to the Elites Society

Find people with high expectations and a low tolerance...

Entrepreneurial Advertising: The Future Of Marketing

Find people with high expectations and a low tolerance...

Mobile Marketing is Said to Be the Future of E-Commerce

Find people with high expectations and a low tolerance...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img