नई दिल्ली । देश में कुल 107 मौतों के साथ रविवार को अबतक कोरोना के 3,819 मामले सामने आ चुके हैं। मोदी ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन, टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल से बात की।
प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्रियों मनमोहन सिंह और एच. डी. देवेगौड़ा और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी बात की। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी 8 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रमुख राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को जानकारी दी कि ऐसे सभी सदन नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जिनके दलों के संसद के दोनों सदनों में संयुक्त रूप से कम से कम पांच सांसद हैं।
देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद से प्रधानमंत्री लगातार एक्टिव हैं। लॉकडाउन के अगले ही दिन उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से बातचीत की थी। इसके बाद वह बारी-बारी से रेडियो जॉकी, अभिनेता, खिलाड़ियों, कोरोना से ठीक हुए लोगों आदि से लगातार बात कर रहे हैं। वे इन लोगों से लॉकडाउन को सफल बनाने और कोरोना के प्रति लोगों के मन में बैठे डर को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही वह इन प्रसिद्ध लोगों के जरिए कोरोना से बचने के उपायों के प्रति जागरूक करने की भी कोशिश में जुटे हैं।
पद्मश्री से सम्मानित डॉ. के. के. अगरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताजा अपील की समर्थन किया है। इंडियन मेडिकल असोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रहे डॉ. अगरवाल ने 5 अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए मोमबत्ती, दिया, टॉर्च या मोबाइल फ्लैशलाइट जलाने के पीछे के विज्ञान को समझाया है।
200 से अधिक लोगों को रोज फोन करते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को जानकारी दी है कि पीएम मोदी हर दिन कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले में ताजी जानकारी लेने के लिए 200 से अधिक लोगों से फोन पर बात करते हैं। इसमें वो लोग शामिल हैं जो फ्रंटलाइन पर हैं, जैसे डॉक्टर, नर्स, मीडिया कर्मियों, कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित मरीज जो ठीक हो चुके हैं। इससे लोगों को प्रोत्साहित किया जा सके और समाज के लिए जो वो कर रहे हैं, उन्हें आभर व्यक्त कर रहे हैं।
देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) की महामारी के बीच पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से बातचीत कर रहे हैं। रोज उनसे फीडबैक ले रहे हैं। इन 200 लोगों में राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शामिल को किए जाने वाले फोन भी शामिल हैं। इतना ही नहीं वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं। सोशल मीडिया के जरिए वह देश बच्चों, महिलाओं को लॉकडाउन सफल बनाने की अपील कर चुके हैं।
