आगरा कैंट क्षेत्र की कोरोना वायरस संदिग्ध महिला के रेलवे में कार्यरत पिता के विरुद्ध जिलाधिकारी आगरा पी एन सिंह ने डीआरएम रेलवे को विभागीय व कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
आरोप है कि पिता ने संदिग्ध रोगी की सूचना छिपाई। साथ ही शुक्रवार को जब टीम संदिग्ध महिला की जांच के लिए उसके घर पहुंची तो परिवार ने सहयोग नहीं किया। इस मामले में महामारी एक्ट की धारा के तहत संदिग्ध महिला के पिता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि डीआरएम आगरा को उक्त रेलवे कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा जो भी लोग ऐसे मामलों में सूचना छिपाएंगे और स्वस्थ्य विभाग का सहयोग नहीं करेंगे उनके विरूद्ध एपीडिमिक एक्ट में आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बता दें कि इटली से हनीमून मनाकर लौटी इस महिला को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा था। महिला का पति बंगलूरू में कोरोना संक्रमित पाया गया था। महिला के परिजन स्वास्थ्य विभाग की टीम को गुमराह कर रहे थे।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की लैब में भेजे गए महिला के सैंपल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दूसरा सैंपल लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) को भेजा गया है।
अगर केजीएमयू की जांच में उसके सैंपल कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तब ही महिला को कोरोना संक्रमित घोषित किया जाएगा अन्यथा नहीं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि महिला की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।

