जयपुर। वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि सरिस्का अभ्यारण्य क्षेत्र में 5 निजी होटल संचालित हैं तथा टाइगर रिजर्व कोर में एक होटल संचालित है। उन्होंने बताया कि इन सभी होटलों का निर्माण 1 अप्रैल, 2003 से पहले हुआ है तथा इसके बाद किसी होटल का निर्माण नहीं हुआ है। विश्नोई ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गुजरात की तर्ज पर सरिस्का अभयारण्य में होली डे होम अथवा गेस्ट हाउस निर्माण की वर्तमान में कोई योजना नहीं है।
विश्नोई ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि सरिस्का अभयारण्य क्षेत्र में संचालित 5 निजी होटलों में से सरिस्का पैलस का निर्माण राजा महाराजाओं के समय में हुआ है, जिसे वर्तमान में मैसर्स शिब्बा व्हील्स प्राइवेट लि. द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसे निरस्त करने की कार्यवाई जारी है। उन्होंने बताया कि होटल टाइगर हेवन तथा होटल बैरावास में कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश दिए गए हैं। होटल टाइगर हेवन के प्रकरण में अगली पेशी की तारीख 17 मार्च, 2020 निर्धारित है। इसके अतिरिक्त होटल टाइगर डैन आर.टी.डी.सी द्वारा संचालित है। इस होटल को 17 मई, 1975 को वन विभाग द्वारा आर.टी.डी.सी को सौंप दिया गया था। उन्होंने बताया कि होटल सरिस्का ढाणी का संचालन वर्तमान में बंद है तथा सरिस्का टाइगर रिजर्व कोर में एक होटल अमनबाग संचालित है, जिसका मामला वर्तमान में अजमेर न्यायालय में लंबित है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिना अनुमति के किसी भी होटल अथवा रिसोर्ट का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
इससे पहले विश्नोई ने विधायक संजय शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 33(क) अनुसार अभयारण्य के भीतर वाणिज्यिक पर्यटक लॉज, होटलों, चिड़ियाघरों और सफारी उप वनों का संनिर्माण राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के पूर्व अनुमोदन के पश्चात ही करवाया जा सकता है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में उक्त प्रावधान दिनांक 1 अप्रैल, 2003 से अंतः स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरिस्का अभयारण्य क्षेत्र में 5 निजी रिसोर्ट, होटल संचालित हैं। इनमें सरिस्का पैलेस, सरिस्का(रूंध कालीघाटी), टाइगर डेन, सरिस्का(रूंध कालीघाटी), होटल टाइगर हेवन, अमराकाबास, बैरावास स्थित होटल, बैराबास, सरिस्का ढाणी, इन्दोक शामिल हैं।


