एक समाज ही नहीं बल्कि एक आंदोलन आर्य समाज : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

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चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आर्य समाज एक समाज ही नहीं बल्कि एक आंदोलन है। आर्य समाज ने देश में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का कार्य किया है। आर्य समाज ने पर्यावरण सुरक्षा, नशामुक्ति, महिला शिक्षा आदि पर बल देकर राष्ट्र निर्माण का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 18 फरवरी को महर्षि दयानंद जयंती प्रदेशभर में मनाई जाएगी और इस दिन स्वामी दयानंद की शिक्षाओं पर चर्चा होगी। मनोहर लाल रविवार को रोहतक में आर्य समाज के प्रांत स्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन में उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर उन्होंने आचार्य बलदेव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आचार्य बलदेव ने आर्य समाज की सेवा की तथा उन्होंने आर्य समाज के सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। मुख्यमंत्री ने आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा को अपने स्वैच्छिक कोष से 21 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय चिंतन आज के समय में बहुत बड़ा पहलू है। समाज में रोटी, कपड़ा और मकान मूलभूत आवश्यकताएं हैं, लेकिन इसके साथ-साथ शिक्षा और संस्कार भी जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य समाज की मूल इकाई है, इसलिए मनुष्य का विकास जरूरी है। मनुष्य के विकास से ही राष्ट्र निर्माण होता है और राष्ट्र निर्माण में आर्य समाज की अतुलनीय भूमिका है।

उन्होंने कहा कि आज का युवा अपने पथ से भटककर नशे की ओर बढ़ रहा है। प्राचीन समय में नशा बहुत कम होता था। युवाओं में नशे की बढ़ती हुई लत पर अकुंश लगाने की प्रतिबद्घता जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस भी गांव के दस प्रतिशत लोगों की शराब का ठेका न खोलने की मांग होगी उस गांव में ठेका नहीं खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के चरित्र को ऊंचा उठाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्य समाज ने जाति-पाति का विरोध किया। आर्य समाज की शिक्षाओं में एक बहुत बड़ा भाव है कि जाति-पाति में उलझकर समाज कभी भी विकसित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हमने जाति-पाति के भेदभाव को दूर करने के लिए ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ का नारा दिया है।

मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि महर्षि दयानंद जयंती के अवसर पर 18 फरवरी को चण्डीगढ़ में सभी विधायकों को आमंत्रित करके उनकी शिक्षाओं पर चर्चा की जाएगी। इसी प्रकार के कार्यक्रम शिक्षण संस्थाओं में भी आयोजित किए जाएंगे। उपस्थित लोगों ने अपने हाथ खड़े करके मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव का समर्थन किया कि महापुरूषों की जयंती पर राजपत्रित अवकाश के स्थान पर वैकल्पिक अवकाश होना चाहिए और उनके सिद्धांतों और विचारों पर चर्चा होनी चाहिए ताकि आम जनता को प्रेरणा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीरो बजट खेती की सराहना की है। इस कार्य के लिए राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जीरो बजट खेती से बीमारियां दूर होंगी और किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आचार्य बलदेव ने अपना सम्पूर्ण जीवन आर्य समाज की सेवा में लगा दिया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज वह संस्था है जिसने राष्ट्रीय निर्माण का कार्य किया है। आर्य समाज ने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार कर देश को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेदों का ज्ञान दिया। स्वामी दयानंद ने ही देश के लोगों का परिचय वेदों से करवाया। उन्होंने अपने स्वैच्छिक कोष से दस लाख रुपए की राशि आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा को देने की घोषणा भी की।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि पूरे प्रदेश में प्राकृतिक खेती का अभियान चलाया जाएगा जोकि जीरो बजट पर होगी। प्राकृतिक खेती करने से लोगों में हो रही कैंसर, शुगर आदि जैसी गंभीर बीमारियों पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में 50 हजार किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। अगले साल तक हिमाचल में ढाई लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों से पूरे देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।

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