राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सख्त रुख और जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर गाजियाबाद जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार (30 सितंबर 2026) को जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले 53 बड़े व्यावसायिक संस्थानों और लोनी में चल रही 34 अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह से सील कर दिया। संयुक्त टीम ने फैक्ट्रियों की बिजली काटने के साथ ही गंभीर लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है।
लोनी में 34 अवैध फैक्ट्रियां सील, बिजली विभाग ने काटे कनेक्शन
गाजियाबाद के लोनी इलाके में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई की गई। प्रदूषण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने लोनी के कृष्णा विहार, अमित विहार और सेवाधाम जैसे रिहायशी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में सघन छापेमारी की। इन इलाकों में अवैध रूप से एल्यूमीनियम और अन्य धातुओं को गलाने वाली भट्टियां धड़ल्ले से चलाई जा रही थीं, जिससे भारी वायु प्रदूषण फैल रहा था। टीम ने ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई करते हुए ऐसी 34 अवैध फैक्ट्रियों को पूरी तरह से सील कर दिया और विद्युत विभाग की मदद से उनके बिजली कनेक्शन भी तुरंत काट दिए।
600 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच में 400 से अधिक दोषी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इस बड़ी कार्रवाई का दायरा केवल लोनी तक सीमित नहीं रहा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में होने वाली आगामी सुनवाई को ध्यान में रखते हुए यूपीपीसीबी (UPPCB) के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह के निर्देश पर पूरे गाजियाबाद जिले में विशेष सघन जांच अभियान चलाया गया। इस जांच के तहत जिले भर के प्रमुख होटलों, शॉपिंग मॉल्स और बैंक्वेट हॉलों के पर्यावरण मानकों की समीक्षा की गई। जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जिले के 600 से अधिक बड़े प्रतिष्ठानों में से 400 से ज्यादा संस्थान बिना अनिवार्य एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के संचालित हो रहे थे या पर्यावरण नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे।
गंभीर लापरवाही बरतने वाले 53 संस्थान सील, एनजीटी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही बरतने वाले और नियमों को ताक पर रखने वाले 53 प्रमुख व्यावसायिक संस्थानों को चिन्हित कर उन्हें मौके पर ही पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण मानकों की अनदेखी करने वाले शेष दोषी संस्थानों को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने स्पष्ट किया है कि वे इन सभी दोषी पाए गए संस्थानों की विस्तृत विवरण रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपने जा रहे हैं ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
FAQ:
Q1: गाजियाबाद में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने यह बड़ी कार्रवाई क्यों की है?
A1: जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में होने वाली आगामी सुनवाई को ध्यान में रखते हुए यह संयुक्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
Q2: लोनी के किन इलाकों में अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया है और वे क्या काम कर रही थीं?
A2: लोनी के कृष्णा विहार, अमित विहार और सेवाधाम जैसे रिहायशी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में चल रही 34 अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया है। ये फैक्ट्रियां अवैध रूप से एल्यूमीनियम और अन्य धातुओं को गलाने वाली भट्टियां चला रही थीं।
Q3: जांच अभियान में कुल कितने व्यावसायिक संस्थान दोषी पाए गए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
A3: जिले के 600 से अधिक बड़े प्रतिष्ठानों (होटल, मॉल, बैंक्वेट हॉल) की जांच में 400 से अधिक संस्थान बिना एनओसी (NOC) या पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें से गंभीर लापरवाही बरतने वाले 53 संस्थानों को तुरंत सील कर दिया गया और शेष को अंतिम नोटिस जारी किया गया।



