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मध्य प्रदेश 13 July 2026• 01:53 PM

MP Scholarship Scam: भोपाल में बड़ा घोटाला, कॉलेज और बैंक अधिकारियों ने मिलकर हड़प ली MBA छात्रों की छात्रवृत्ति

सीबीआई ने मध्य प्रदेश के भोपाल में एक कॉलेज और बैंक अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है, जिन्होंने एमबीए छात्रों के नाम पर सरकारी छात्रवृत्ति हड़प ली।

Kavita Kelkar

13 July 2026

MP Scholarship Scam: भोपाल में बड़ा घोटाला, कॉलेज और बैंक अधिकारियों ने मिलकर हड़प ली MBA छात्रों की छात्रवृत्ति

सीबीआई (CBI) ने मध्य प्रदेश के भोपाल में एक कॉलेज और बैंक अधिकारियों के खिलाफ सरकारी छात्रवृत्ति में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि इन अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से उन एमबीए (MBA) छात्रों के नाम पर सरकारी छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली, जिन्होंने कभी इसके लिए आवेदन ही नहीं किया था।

यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा जारी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

एमबीए छात्रों के नाम पर हुआ बड़ा घोटाला

रिचा श्रीवास्तव और आनंद मोहन जे. की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी छात्रवृत्ति हड़पने का एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सीबीआई की प्राथमिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि भोपाल के एक कॉलेज प्रशासन ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर उन एमबीए (MBA) छात्रों के नाम पर सरकारी छात्रवृत्ति की राशि डकार ली, जिन्होंने कभी इसके लिए आवेदन तक नहीं किया था।

यह संगठित फर्जीवाड़ा मुख्य रूप से आरक्षित वर्ग और जरूरतमंद छात्रों के लिए चलाई जाने वाली सरकारी योजनाओं को निशाना बनाकर किया गया है, जिससे पात्र छात्रों के अधिकारों का हनन हुआ है।

बैंक और कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत से खुली पोल

जांच के अनुसार, यह पूरी धोखाधड़ी बैंक अधिकारियों और कॉलेज के प्रबंधकों की आपसी साठगांठ का नतीजा है। कॉलेज ने अपने यहाँ नामांकित छात्रों के पहचान दस्तावेजों और शैक्षणिक क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद, बैंक अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर इन छात्रों के नाम पर नए खाते खोले या उनके मौजूदा खातों का इस फर्जीवाड़े के लिए उपयोग किया।

सरकारी छात्रवृत्ति योजना के तहत एमबीए छात्रों के लिए स्वीकृत होने वाली बड़ी राशि को इन खातों में ट्रांसफर कराया गया। जैसे ही सरकारी फंड इन खातों में पहुंचा, आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से उस पैसे को निकाल लिया और आपस में बांट लिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिन छात्रों के दस्तावेजों का इस्तेमाल इस फर्जीवाड़े में किया गया, उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके नाम पर छात्रवृत्ति की राशि उठाई जा चुकी है।

सीबीआई ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

इस संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने संबंधित कॉलेज के प्रबंधन, बैंक के तत्कालीन अधिकारियों और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

सीबीआई की टीमें अब संबंधित कॉलेज और बैंक के पिछले कई वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति आवेदनों और ट्रांजैक्शन डिटेल्स को खंगाल रही हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस घोटाले का दायरा काफी बड़ा हो सकता है और इसमें कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। इस कार्रवाई के बाद भोपाल के शैक्षणिक और बैंकिंग हलकों में हड़कंप मच गया है।

FAQ:
Q1: भोपाल में हुए इस छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?
A1: इस घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है, जिसने संबंधित कॉलेज प्रबंधन और बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

Q2: इस घोटाले में किस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है?
A2: कॉलेज प्रशासन और बैंक अधिकारियों ने आपसी साठगांठ से उन एमबीए छात्रों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम पर सरकारी छात्रवृत्ति हड़प ली, जिन्होंने कभी इसके लिए आवेदन ही नहीं किया था।

Q3: इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए छात्रों की इस मामले में क्या भूमिका थी?
A3: इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए छात्रों को इस घोटाले की कोई जानकारी नहीं थी। उनके दस्तावेजों का उपयोग करके उनकी जानकारी के बिना बैंक खाते खोले गए या इस्तेमाल किए गए और छात्रवृत्ति की राशि निकाल ली गई।

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