New Delhi. 77 वर्षीय बुजुर्ग किसान निरंजन सिंह ने दिल्ली के कुंडली बार्डर पर चल रहे किसानों के धरने के दौरान सल्फास निगल लिया। सल्फास निगलने से पहले उसने श्री जपुजी साहिब जी का पाठ सुना। उक्त किसान को चंडीगढ़ के पीजीआइ अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया है। वहीं, फिरोजपुर के हलका गुरुहरसहाय के गांव करीं कलां के 50 वर्षीय किसान ने कर्ज से तंग आकर रविवार देर रात आत्महत्या कर ली।
मृतक कुलबीर सिंह शनिवार को दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से वापस लौटा था। कुलबीर नौ दिन तक किसान आंदोलन में शामिल रहा था। पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक कुलबीर के पास सवा दो एकड़ जमीन थी और उस पर नौ लाख रुपये का कर्ज है। मृतक कुलबीर सिंह के चार और भाई हैंं और सभी के पास तीन-तीन एकड़ जमीन है। कर्ज कारण कुलबीर ने कुछ जमीन को बेच दिया था। कम जमीन होने कारण मृतक पर कर्ज बढ़ गया था। मृतक के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि कृषि कानून को लेकर कुलबीर बेहद चिंतित था।
उधर, तरनतारन के गांव भट्ठल भाईके निवासी किसान निरंजन सिंह के पास 12 एकड़ जमीन है। निरंजन सिंह के पांच बेटे हैं, जिनमें से पूर्व सरपंच गुरमीत सिंह, झिरमिल सिंह, निर्मल सिंह, हरजीत सिंह व काला सिंह हैंं। इस किसान परिवार के सिर पर कोई भी सरकारी कर्ज नहीं है। गांव के सरपंच बलबीर सिंह ने दैनिक जागरण को बताया कि 26 नवंबर से वह जत्था लेकर दिल्ली धरने पर गया था। शनिवार को जत्थे समेत वापस लौट आया। रविवार को बुजुर्ग किसान निरंजन सिंह, पंच दिलबाग सिंह के अलावा मुखत्यार सिंह समेत अपनी कार में सवार होकर दोबारा दिल्ली धरने के लिए रवाना हुआ था। रविवार की रात करनाल में गुजारी। सुबह छह बजे दिल्ली के कुंडली बार्डर पर चल रहे धरने में पहुंच गए। सुबह आठ बजे श्री जपुजी साहिब जी का पाठ हुआ। जिसके बाद किसानों ने भूख हड़ताल पर बैठना था।
बुजुर्ग किसान निरंजन सिंह ने बाकी किसानों के साथ श्री जपुजी साहिब जी का पाठ श्रवण किया। इसके बाद वह पंडाल के पीछे चले गया। वहां पर निरंजन सिंह ने जेब से सल्फास की गोली निकाल कर निगल ली। मौके पर कुछ निहंग सिंह मौजूद थे। उनको निरंजन सिंह ने बताया कि नौवी पातशाही श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते कुर्बानी दी थी। करीब चार माह से किसान, बुजुर्ग, बच्चे रेल की पटरियों और सड़कों पर परेशान हो रहे हैं, लेकिन उनकी सुध नहीं ली जा रही। ऐसा लगता है कि वह देश के निवासी न होंं। मुझसे दुख देखा नहीं जाता। मैैं अपने प्राणों की कुर्बानी दे रहा हूं। सरपंच बलबीर सिंह ने बताया कि मौके पर निरंजन सिंह को नमक वाला पानी देकर निगली हुई सल्फास का असर कम कर दिया गया। अब वह चंडीगढ़ पीजीआइ में उपचाराधीन है।
जम्हूरी किसान सभा के जिला सचिव जसपाल सिंह ढिल्लों, प्रगट सिंह जामाराय ने कहा कि गांव भट्ठल भाईके के बुजुर्ग किसान निरंजन सिंह ने जो कदम उठाया है वह केंद्र सरकार की गलत नीति का नतीजा है। जामाराय कहते हैंं कि आत्महत्या करना ठीक नहीं। लेकिन, सो रही सरकार को जगाने लिए किसान ऐसा करने को बेबस हो रहे हैंं। कृषि सुधार कानूनों से पहले ही किसान निराश था। अब और निराशा में डाला जा रहा है।
बुजुर्ग किसान निरंजन सिंह ने गुरबाणी की पंक्तियों से पत्र शुरू करते एक शेर लिखा। जिसके बाद किसानों के चल रहे संघर्ष से दुखी होने और सरकार की नीति के खिलाफ कुर्बानी देनी की बात कही। किसान ने नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की कुर्बानी का भी जिक्र किया।

