कानपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गड्ढामुक्त सड़क अभियान की पड़ताल में अफसरों की पोल खुलती जा रही है। कागजों में शहर की सड़कों को तो गड्ढामुक्त बता दिया गया, लेकिन हकीकत में अब भी तमाम सड़कों पर जानलेवा गड्ढे हैं। इनमें फंसकर दोपहिया वाहन सवार आए दिन चोटिल होते हैं।
मुख्य अभियंता बोले- सड़क का जल्द किया जाएगा सर्वे
पनकी-कल्याणपुर और जीटी रोड को जोडऩे वाली देवकी चौराहा काकादेव से छपेड़ा पुलिया तक सड़क में गड्ढे ही गड्ढे है। जागरण की टीम ने पड़ताल की तो हकीकत सामने आ गई। काकादेव से एक अस्पताल के बीच में कई जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं। स्थिति यह है कि जरा सी चूक और दोपहिया वाहन पलटना तय है। गीतानगर को जोडऩे वाली सड़क पर एक गड्ढा है। क्षेत्र के श्याम लाल, संतोष सिंह ने बताया कि गड्ढे में फंसकर कई बार दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा पलट चुके हैं। यहीं हाल छपेड़ा पुलिया तक का है। 1200 मीटर सड़क पर 29 गड्ढे हैं। इस सड़क से रोजाना सवा लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। जीटी रोड में मेट्रो का निर्माण होने से इस सड़क पर ट्रैफिक का दबाव अधिक है। इसके बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर क्षेत्रीय जनता में आक्रोश है। नगर निगम के मुख्य अभियंता एसके सिंह ने बताया कि सड़क का सर्वे कराकर गड्ढों को ठीक कराया जाएगा।