कानपुर, क्या कोई पिता अपने ही हाथों से उस मासूम इकलौते बेटे को मौत के घाट उतार सकता है, जो रात में अपने पापा के बिना सोता नही हो। शायद नहीं, लेकिन कानपुर के सीसामऊ में ऐसी ही एक घटना ने लोगों के दिल दहला दिए थे। अब गिरफ्तारी के बाद आरोपित पिता का उपचार जेल में किया जा रहा है, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है।
यह हुई थी घटना
सीसामऊ थानाक्षेत्र के लकड़मंडी मोहल्ला निवासी अलंकार ने 29 नवंबर की रात अलंकर ने अपने सात वर्षीय इकलौते बेटे रुशांक की गला दबाकर हत्या कर दी थी। रात भर वह बेटे के शव के पास बैठा रहा था और सुबह खुद ही पत्नी को जानकारी दी थी। उसके दो बेटियां भी हैं और रुशांक अपने पापा के बगैर सोता नहीं था। उस रात भी अलंकार ने बेटियों, पत्नी और बेटे को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर दी थीं। इसके बाद रात में बेटा पापा के पास लेटने की बात कहकर मां के पास से चला गया था। अलंकार ने सोफे पर बेटे को लिटा लिया था और रात में घटना को अंजाम दे दिया था।
पुलिस ने अलंकार से वारदात के बाबत पूछताछ की तो उसने कहा कि उसने अपने बेटे को सांसारिक दुखों से मुक्त कर दिया। अब उसके बेटे को कोई परेशान नहीं करेगा। जिस तरह से अलंकार सवालों का जवाब दे रहा था, उससे यह माना जा रहा था कि उसे कोई मानसिक बीमारी है। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चौबेपुर अस्थाई जेल भेजा था। जहां कोरोना जांच में निगेटिव आने के बाद उसे जिला कारागार लाया गया था। जेल अधिकारियों ने बताया कि चौबेपुर में डॉक्टर ने अलंकार की जांच की तो मानसिक बीमारी की आशंका जताई थी। जिला जेल आने के बाद उसे 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। साथ ही मनोचिकित्सक से जांच होने के बाद नियमित रूप से दवाइयां भी ले रहा है। वह रोजाना सुबह अन्य बंदियों की तरह व्यायाम भी करता है।

