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बेटे ने पिता का किया अंतिम संस्कार, नौवें दिन जिंदा वापस लौटे ! पढ़े जिंदा होने की पूरी स्टोरी

Ajab-Gazab News: कोटा. राजस्थान में एक अजीब वाकया सामने आया है. पूरा मामला बूंदी के तालेड़ा थाना इलाके के गुमानपुरा गांव निवासी बुजुर्ग नाथूलाल से जुड़ा है. नाथूलाल विमंदित हैं. नाथूलाल गत 8 जनवरी को घर से बिना बताये निकल गये थे. परिजनों ने उनको ढूंढा लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया. इस पर नाथूलाल के बेटे राजाराम ने पिता की गुमशुदगी तालेड़ा थाने में दर्ज करवाई. उसी दिन सदर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था. राजाराम ने उस शव की पहचान अपने पिता के रूप में कर दी.

इस पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई कर शव उसे सौंप दिया. यहां एक बेटे ने अपने पिता को मरा हुआ समझकर उनका अंतिम संस्कार (Funeral) कर दिया. यहां तक कि अंतिम संस्कार के बाद नौ दिनों में होने वाले धार्मिक रीति रिवाज भी पूरे कर लिए. नाथूलाल के परिजनों मौत के नवें दिन तक की सभी रस्म भी पूरी कर ली. परिवार के लोगों ने बाल कटवा लिए.

इस बीच नाथूलाल 110 किमी दूर कोटा के अयाना इलाके में पहुंच गए. अयाना थाना पुलिस को गश्त के दौरान विजयपुरा नहर के पास एक बुजुर्ग सर्दी से ठिठुरता हुआ मिला. पुलिस उसे थाने लेकर आई. पुलिस ने उसे खाना खिलाया और ओढ़ने के लिए गर्म कपड़े दिए. पूछताछ में बुजुर्ग ने थोड़ा बहुत अपने परिवार के बारे में बताया. उसके बाद अयाना पुलिस ने बूंदी के तालेड़ा थाने में संपर्क किया. तालेड़ा पुलिस ने बुजुर्ग के बेटे को बुलाकर उसकी बात करवाई तो पता चला कि वह नाथूलाल है.

लेकिन 9 दिनों बाद जब अचानक उसे अपने पिता के जिंदा (Alive ) होने का पता चला तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा. बेटा पिता से गले मिलकर खूब रोया. बाद में पता चला कि जिस शव को पिता का समझकर अंतिम संस्कार किया था वह तो कोई और था. अब पुलिस के सामने भी बड़ा सवाल यह है कि जिसका अंतिम संस्कार किया गया था आखिर वो कौन था?

लेकिन नौ दिन बाद वह बुजुर्ग बूंदी से सटे कोटा (Kota) जिले में पुलिस को जिंदा मिल गया. परिजनों ने जिस शव का अंतिम संस्कार किया था वह कोई और ही था. अब पुलिस के सामने सवाल यह है कि जिसका अंतिम संस्कार किया गया आखिर वह कौन था. पुलिस उसकी छानबीन में लगी है.

फोन पर पिता की आवाज सुनकर बेटा भावुक हो गया. वह तालेड़ा पुलिस के साथ अयाना थाने पहुंचा. वहां पिता को जीवित देख बेटे की आंखें भर आईं. पिता-पुत्र का मिलन देखकर पुलिसकर्मी भी भावुक हो गये. राजाराम ने पुलिस को धन्यवाद दिया और पिता को लेकर घर आया. घर पर नाथूलाल को देखकर परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.

अयाना थाना पुलिस के प्रयास से एक परिवार में खुशियां तो छा गई लेकिन दूसरी तरफ सवाल यह खड़ा हो गया कि जिसका अंतिम संस्कार किया गया वह कौन था? इस मामले में पुलिस भी ज्यादा कुछ कहने से बच रही है. वह फिलहाल उस शख्स का पता लगाने में जुटी है जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

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