डेस्क। पॉल्युशन, बढ़ती पापुलेशन, ग्रीन हाउस, ओजोन परत विघटन ये कुछ ऐसी प्रॉब्लम है जो भारत में बहुत कम ही एड्रेस की जाती है। इस प्रॉब्लम पर बात केवल Earth Day, water day जैसे दिनों के लिए ही सीमित है। जहां दुनिया Climate change को एक बड़े आगामी खतरे के रूप में देखती है, वहीं भारत में इसको एक समस्या के रूप में बहुत कम ही एड्रेस किया जाता है। इसी कड़ी में Climate Change (जलवायु परिवर्तन) का कहर आने वाले सालों में और ज्यादा बढ़ने वाला है इसकी रिपोर्ट भी सामने आई है। इस रिपोर्ट में Climate Change आगामी समय में भारत के लिए जर्जर स्थिति बनाने वाला बताया गया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Climate Change के कारण, भारत की नौ करोड़ से ज्यादा आबादी पर भुखमरी का खतरा टूटने वाला है।
इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से यह रिपोर्ट जारी की गई है। बता दें कि जारी की गई रिपोर्ट; “द ग्लोबल फूड पॉलिसी रिपोर्ट 2022” में कहा गया कि 2030 तक नौ करोड़ भारतीयों को भुखमरी का सामना करना पड़ेगा। इस भुखमरी का कारण बदलती जलवायु को बताया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले 70-80 सालों में फसलों की पैदावर में काफी कमी आएगी साथ ही हीट वेव और गर्मी का स्तर बढेगा।
भारत में जलवायु परिवर्तन के कारण 2030 तक नौ करोड़ से ज्यादा लोग पर भूखमरी का कहर बरसेगा। सामान्य परिस्थितियों में यह आंकड़ा 7.39 करोड़ होता है लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण भुखमरी का सामना करने वाले लोगों की संख्या में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी : रिपोर्ट।
आगे इस रिपोर्ट में बताया गया कि जलवायु परिवर्तन पर अगर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी समय में अनाज, मांस, फलों, सब्जियों, तिलहन, दालों, जड़ों और कंदों के वजन के आधार पर भारत का कुल खाद्य उत्पादन सामान्य परिस्थितियों में 1.627 से घटकर 1.549 हो जाएगा, बता दें कि आकड़ो में बस इतनी फेरबदल भारतीयों की पीठ तोड़ने वाली महँगाई को जन्म दे सकती है।
गर्मी लेगी प्रचंड रूप, अभी और बढ़ेगा पारा
इस रिपोर्ट में ग्लोबल वार्मिंग का जिक्र करते हुए भारत के तापमान में और अधिक वृद्धि की बात भी कही गई है। इस रिपोर्ट में देश का औसत तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस और 4.4 डिग्री सेल्सियस में इजाफे का भी जिक्र किया गया है। वहीं, हीट वेव भी चौगुनी होने की आशंका इस रिपोर्ट में हुई है।
