प्रदेशउत्तर प्रदेशप्रदेश में करीब हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से

प्रदेश में करीब हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से

प्रदेश में करीब हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से

लखनऊ। बेमौसम बारिश और ओलवृष्टि से प्रदेश में गेंहू, मटर, आलू और तिलहन की हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में पूर्वाचल से लेकर पश्चिमी जिलों तक खेतों में गिरी पड़ी फसलों को देखकर किसान बेहाल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में एक से छह मार्च तक विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश और ओले गिरने से सात जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। सात जिलों में कुल 2,37,374 किसानों की कुल 1,72,001़8 हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुई हैं।

राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, “सिर्फ तीन जिलों-सोनभद्र, जालौन और सीतापुर में 1819.32 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। फसल क्षति के सापेक्ष 5853 किसानों को 17.9 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है।”

प्रतापगढ़ सहित पूर्वाचल के कई जिलों में गुरुवार रात के बाद शुक्रवार सुबह भी बादलों ने डेरा बनाए रखा। कई क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। प्रतापगढ़ में शुक्रवार को तेज हवा चलने से गेहूं और सरसों की भीगी फसल खेत में गिर गई। पकी फसल गिरने से किसानों को खासा नुकसान हुआ है।

उधर, अलीगढ़ में भी बारिश और ओलावृष्टि से आलू की 25 फीसद यानी एक चौथाई फसल बर्बाद होने की आशंका है। इसके अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र, चन्दौली, जौनपुर, बुंदेलखण्ड, मध्य यूपी, आगरा, मथुरा, मैनपुरी में रूक-रूक कर हुई बारिश से कटने के लिए खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं।

लखनऊ के जिला अधिकारी ओपी मिश्रा ने बताया, “सरसों और तोरिया की फसल को ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। आलू और गेहूं की फसलें भी सलामत नहीं रह पाई हैं।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और ओलवृष्टि से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि जनहानि, पशुहानि एवं मकान क्षति से प्रभावित लोगों को तत्काल सहयता दें।

प्रमुख सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि सभी बीमित किसान, जिनकी फसलों को ओला, वर्षा व जलभराव से नुकसान हुआ है, वे उसकी सूचना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्राविधानों के अनुसार निर्धारित समय 72 घंटे में उपलब्ध करा दें। आकाशीय बिजली से फसल की क्षति की सूचना भी 72 घंटे के अंदर देनी होगी।

Hot this week

पुनर्नवीनीकरण चिकित्सा उपकरण: आत्मनिर्भर भारत के लिए खतरा या अवसर?

भारत में चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहे प्रयासों के बीच, पुनर्नवीनीकरण और पुराने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति देने वाली नीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के संगठन, इमेजिंग, थेरेपी और रेडियोलॉजी उपकरण निर्माताओं के संघ, भारत के नैदानिक उपकरण निर्माताओं […]

बेलागवी दहशत: बच्चों का अपहरण और पुलिस का एनकाउंटर

बेलागवी में हुए बच्चों के अपहरण के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। शुक्रवार तड़के अथणी, बेलागवी जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध को गोली मारकर घायल कर दिया, जो दो बच्चों के अपहरण में शामिल था। पुलिस ने अपहरण के बाद फरार हुए संदिग्धों की गाड़ी की पहचान करने के बाद […]

ईरान-इस्राइल तनाव: क्या है अगला कदम?

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष ने क्षेत्रीय तनाव को काफी बढ़ा दिया है। इस्राइल द्वारा लगातार हवाई हमलों के बाद, ईरान ने प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता पैदा […]

आंध्र प्रदेश में स्व-सहायता समूहों का उल्लेखनीय सशक्तिकरण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के हर परिवार में एक उद्यमी बनाने के विजन के अनुरूप, एमएसएमई और ग्रामीण गरीबी उन्मूलन मंत्री,कोंडापल्ली श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। राज्य ग्रामीण गरीबी उन्मूलन एजेंसी कार्यालय में आज आयोजित एक समन्वय बैठक के दौरान, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के […]

Related Articles

Popular Categories