चढ़ाई रोकने से नाराज हैं रूसी सैनिक, हफ्तों से जारी था संघर्ष

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डेस्क। Russia-Ukraine Crisis: रूस और यूक्रेन की 24 फरवरी को शुरू हुई जंग में अब एक नया मोड़ आता नजर आ रहा है। रूस ने अपनी सेना को खेरसॉन को छोड़ने का आदेश दे दिया है।
रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने बुधवार को मास्को के सैनिकों को दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन शहर से हटने का आदेश दिया है जिस पर यूक्रेनी सेना हफ्तों से आगे की ओर चढ़ाई कर रही है।
रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने यूक्रेनी इलाके में रूस के कमांडर सर्गेई सुरोविकिन के साथ एक टेलीविज़न बैठक के दौरान यह कहा, “सैनिकों को तुरंत बाहर निकालना शुरू करें।” रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने खेरसॉन से नागिरकों को वापस खींचने और नीपर नदी के बाएं किनारे पर सुरक्षित पहुंचाने का “कठिन निर्णय” देना पड़ा है। 
 इससे पहले रूस ने खेरसॉन में तैनात अपने नागरिकों को वहां से निकाल दिया था। साथ ही स्थानीय सरकार के हटने के एक हफ्ते बाद 3 नवंबर को रूसी अधिकारियों ने खेरसॉन प्रशासन भवन से अपने देश का झंडा भी हटा दिया था।
खेरसॉन पर रूस ने अपने आक्रमण की शुरुआत के बाद ही वहां कब्जा कर लिया था। ऐसा कहा जा रहा है कि सर्गेई शोइगु की घोषणा ने रूस, यूक्रेन पर हासिल अपनी सबसे बड़ी बढ़त गंवाने जा रहा है साथ ही जनरल सर्गेई सुरोविकिन ने कहा कि खेरसॉन शहर में आपूर्ति करना अब संभव नहीं है। वहीं रूस के प्रभावशाली युद्ध ब्लॉगर्स ने खेरसॉन शहर से सेना वापस लेने के मास्को के कदम पर खेद भी व्यक्त किया है। वार ब्लॉगर्स ने इसे रूसी सेना के लिए एक काला अध्याय करार दिया है।

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