समीर वानखेड़े को मिली राहत , आयोग बोला कोई सबूत नहीं की वह मुस्लिम है , नवाब मलिक ने लगाए थे आरोप

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देश: समीर वानखेड़े को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने यह स्वीकार कर लिया है कि समीर वानखेड़े अनुसूचित जाति है। आयोग ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा इस बात का कोई सबूत नही मिला है कि वानखेड़े जन्म से मुस्लिम हो और न इस बात के साक्ष्य सामने आए कि उनके माता पिता ने इस्लाम धर्म कुबूल किया हो। लेकिन यह सत्य है वह अनुसूचित जाति से जुड़े हैं उनका संबंध महार जाति से है। बता दे समीर वानखेड़े नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पूर्व अधिकारी थे।

जानकारी के लिये बता दें महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर फर्जी प्रमाण पत्र के माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा पास करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि वानखेड़े मुस्लिम थे लेकिन उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और उसका उपयोग करके यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। 
उन्होंने सबूत के तौर पर एक ट्वीट किया था। जिसमे लोगो के साथ उन्होंने एक सर्टिफिकेट साझा किया था ओर लोगो को बताया था की समीर वानखेड़े का असली नाम समीर दाऊद वानखेड़े है। इस सर्टिफिकेट में धर्म वाले खाने में मुसलमान भरा हुआ था। नवाब मलिक का कहना था वह जन्म से मुसलमान थे लेकिन नौकरी पाने के लिये उन्होंने यह पैतरा अपनाया और जाली जाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर सरकारी नौकरी प्राप्त की।
नवाब मालिक में वानखेड़े के निकाह का प्रमाण पत्र भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया था जिसके अनुसार उनकी पहली शादी शबाना क़ुरैशी से हुई थी। उन्होंने दावा किया था कि मेरा उद्देश्य उनके धर्म को उजागर करना नही बल्कि उनके द्वारा किये गए फर्जीवाड़े से पर्दा उठाना है। जानकारी के लिये बता दें समीर वानखेड़े 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं।

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