Bhupinder Singh passes away । ‘मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहे…’ जैसे शानदार गीत गाने वाले गायक भूपिंदर सिंह अब हमारे बीच नहीं है। उनकी पत्नी और गायिका मिताली सिंह ने दिग्गज पार्श्व गायक भूपिंदर सिंह के निधन की पुष्टि सोमवार शाम को की है।
कई बॉलीवुड गानों के बादशाह मशहूर भूपेंद्र सिंह ने सोमवार शाम को अपनी आखिरी सांस ली। सिंगर की पत्नी मिताली ने आईएएनएस को यह बताया कि, ‘वह कुछ समय से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। इसमें यूरिनरी समस्याएं भी उनको थीं।’ 82 वर्षीय गायक भूपेंद्र सिंह के अंतिम संस्कार की व्यवस्था सहित अधिक जानकारी अभी नहीं दी गई है।
जानिए उनसे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें
भूपेंद्र का जन्म 6 फरवरी, 1940 को अमृतसर के पंजाब में हुआ और उनके पिता प्रोफेसर नत्था सिंह भी एक बेहतरीन संगीतकार थे और मौसिकी सिखाने में सख्ती बरतते थे।
सबसे पहले भूपेंद्र को संगीत की शिक्षा नत्था सिहं ने ही दी पर पिता की सख्ती के कारण भूपेंद्र को संगीत से नफरत होने लगी। फिर धीरे-धीरे उनके मन में संगीत के प्रति प्रेम पैदा होने लगा और फिर वो उसे सीखते चले गए।
भूपेंद्र ने 1980 के दशक में बांग्ला गायिका मिताली मुखर्जी से शादी की, शादी के बाद उन्होंने गायन से किनारा कर लिया। दोनों ने कई कार्यक्रम एक साथ प्रस्तुत भी किए और भूपेंद्र-मिताली की जोड़ी अपने दशक में मशहूर हो गई। दोनों ने एक साथ मिलकर खूब नाम और शोहरत कमाई। बता दें कि कपल की कोई संतान नहीं है।
भूपेंद्र सिंह ने कई बेहतरीन नगमे गाए है जो आज भी लोगों द्वारा गुनगुनाए जाते हैं, जैसे नाम गुम जाएगा, करोगे याद तो, मीठे बोल बोले, खुश रहो अहले-वतन हम तो सफर करते हैं, कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता, दरो-दीवार पे हसरत से नजर करते हैं।
