Maharashtra politics:- महाराष्ट्र की राजनीति रोज नई करवट ले रही है। अभी हाल ही में उद्धव ठाकरे की कुर्सी एकनाथ शिंदे की हो गई ओर महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री शिंदे बन गए व उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बनाया गया। वही अब शिंदे और उद्धव ठाकरे के मध्य असली ओर नकली शिवसेना का खेल शुरू हो गया है। जहां एक ओर उद्धव ठाकरे ने घोषणा कर दी है कि धनुष बाण शिवसेना का था और उन्हीं का रहेगा।
इस्तीफे के बाद पहली बार कल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्धव ठाकरे ने कहा, हमने धनुष बाण कोई नही ले सकता है। पार्टी में विधायक आते जाते रहते हैं। लेकिन इससे पार्टी का अस्तित्व नहीं समाप्त हो जाता। उन्होंने ठाणे और नवी मुंबई में पार्षदों के गुट बदलने पर कहा कि उन्हें जिसके साथ जाना है जाए लेकिन इससे पार्टी का आत्मविश्वास नही टूटेगा। वही अगर हम शिवसेना के चुनाव चिन्ह की बात करे तो उद्धव ठाकरे खेमा चुनाव चिन्ह के नाम पर समझौता करने को राजी नही है।
असल मे महाराष्ट्र में चुनाव चिन्ह विवाद इसलिए उत्पन्न हुआ क्योंकि एकनाथ शिंदे के समर्थक धनुष बाण को अपना बता रहे हैं वही उद्धव ठाकरे के समर्थकों का कहना है कि धनुष बाण उनका है। दोनो गुटों की तरफ से विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की बात उठाई जा रही है। वही कहा जा रहा है कि इस असली ओर नकली की लड़ाई में शिवसेना अपना अस्तित्व नहीं खो सकती है। वही खबर यह भी है कि अब चुनाव आयोग इन दोनों दलों को अलग अलग चुनाव निशान दे सकता है।
