रेप मामले में जिंदा अंतिम संस्कार करने पर ममता सरकार पर उठे कई सवाल, इन बड़े बयानों ने पलट दिया पासा

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डेस्क। पश्चिम बंगाल के नादिया में लड़की से गैंग रेप की घटना सामने आने के बाद भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। इस रेप मामले में सभी विपक्षी पार्टियों ने पश्चिम बंगाल सरकार को कड़घरे में लिया है। 

इसी कड़ी में भाजपा ने भी राज्य सरकार पर शिकंजा कसते हुए सवाल किया है कि नादिया गैंग रेप की पीड़िता का जब आरोपी ने अंतिम संस्कार किया तो वो उस वक्त जीवित थी? 

भाजपा ने तर्क रखा है कि मौत के बाद पीड़िता का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही डेथ सर्टिफिकेट सौपा गया। ऐसे में यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या अंतिम संस्कार के समय पीड़िता जिंदा थी?

बता दें कि 4 अप्रैल को नादिया जिले के हंसखाली में 14 वर्षीय लड़की के साथ कथित रूप से गैंग रेप किया गया था। इसके बाद से ही विपक्ष ममता सरकार पर हमलावर नज़र आ रहा है।

इस कड़ी में भाजपा विधायक श्रीरूपा मित्र चौधरी ने कहा, “पीड़िता का बहुत खून बह रहा था और रात भर वो दर्द से कराह रही थी। उसके माता-पिता डॉक्टर को फोन नहीं कर सकते थे या पुलिस को सूचित नहीं कर सकते थे, क्योंकि घर के सभी लोग डर गए थे और साथ ही उनके परिवार को धमकी दी जा रही थी। बाद में पीड़िता को चटाई में लपेटकर ले जाया गया। पिता पीछे दौड़े और बचाने की कोशिश की पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।”

साथ ही बता दें कि पुलिस के एक अधिकारी का कहना है, “किसने पुष्टि की है कि दाह संस्कार से पहले उसकी मृत्यु हो गई थी? किसी चिकित्सक ने उसकी जांच नहीं की। कोई मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं है। कोई पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ। फिर हम कैसे कह सकते हैं कि अंतिम संस्कार से पहले उसकी मृत्यु हो गई।”

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