मां कालरात्रि कर देतीं हैं सभी बुराइयों का सर्वनाश

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डेस्क। हिन्दू नववर्ष का पहला महापर्व चैत्र मास के नवरात्र चल रहे हैं। नवरात्रि के सातवें दिन मां के सप्तम स्वरूप माता कालरात्रि की पूजा- अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कालरात्रि का शरीर अंधकार की तरह काला है। मां के बाल लंबे और बिखरे हुए रहते हैं। मां के गले में मुंड की माला रहती है। मां कालरात्रि के चार हाथ हैं। मां के हाथों में खड्ग, लौह शस्त्र, वरमुद्रा और अभय मुद्रा है।

बता दें कि इस नवरात्रि के सातवें दिन शोभन योग का निर्माण हो रहा है। शास्त्रों में शोभन योग को अति शुभ योगों में से एक माना जाता है। शोभन योग 08 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

माना जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा- अर्चना करने से सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है व बुरी शक्तियों का प्रभाव भी समाप्त हो जाता है। मां कालरात्रि दुष्टों और शत्रुओं का संहार करती हैं और मां कालरात्रि की पूजा- अर्चना करने से मानसिक तनाव भी कम होता है।

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