राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी के साथ प्रेसिडेंशियल ट्रेन से कानपुर के लिए रवाना हुए

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कानपुर: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) दिल्ली से प्रेसिडेंशियल ट्रेन से अपने गृह जनपद कानपुर के लिए रवाना हो गए हैं. इसके बाद वह 28 जून को प्रेसीडेंशियल ट्रेन (Presidential Train) से कानपुर से लखनऊ आएंगे. 72 किलोमीटर की यह यात्रा एक घंटा 20 मिनट में तय होगी. ट्रैक पर किसी तरह की कोई खामियां न रहें, इसे लेकर रेलवे अधिकारी सतर्कता बरत रहे हैं. राष्ट्रपति के आगमन को लेकर रेलवे पूरी व्यवस्था कर ली है. इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने स्कूल के दिनों और समाजसेवा के शुरुआती दिनों के अपने पुराने परिचितों के साथ मुलाकात करेंगे. 15 साल बाद कोई राष्ट्रपति ट्रेन में सफर करेगा|

राष्ट्रपति बनने के बाद छठवीं बार कानपुर आ रहे कोविंद
राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद छठवीं बार शहर आ रहे हैं. सबसे पहले 15 सितंबर 2017 को बिठूर के ईश्वरीगंज गांव आए थे. यहां उन्होंने स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत की थी. इसके बाद 14 फरवरी 2018 को वीएसएसडी कॉलेज नवाबगंज आए थे. 6 अक्तूबर 2018 को राष्ट्रपति मेडिकल कॉलेज में आयोजित फॉग्सी की अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे. 25 फरवरी 2019 को बीएनएसडी इंटर कॉलेज चुन्नीगंज के पूर्व छात्रसंघ सम्मेलन और वार्षिक दिवस समारोह में शामिल हुए. रामनाथ कोविंद पांचवीं बार 23 नवंबर 2019 को सीएसजेएमयू आए थे|

15 साल बाद दौड़ेगी द रॉयल प्रेसिडेंशियल ट्रेन
करीब 15 साल बाद राष्ट्रपति की दि रॉयल प्रेसिडेंशियल सैलून ( The Royal Presidential Saloon) पटरियों पर दौड़ेगी. भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 जून को दि रॉयल प्रेसिडेंशियल सैलून (ट्रेन) से कानपुर आएंगे. इससे पहले 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने इस विशेष ट्रेन से दिल्ली से देहरादून (उत्तराखंड) की यात्रा की थी. तब डॉ. कलाम इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) के पासिंग आउट परेड में शामिल होने देहरादून ( Dehradun) गए थे. बता दें राष्ट्रपति जिस ट्रेन में यात्रा करते हैं, उसे प्रेसिडेंशियल सैलून कहते हैं. इस विशेष ट्रेन में सिर्फ वही सफर कर सकते हैं|

सुरक्षा तकनीक से लैस है राष्ट्रपति की यह विशेष ट्रेन
राष्ट्रपति के लिए डिजाइन की गई इस विशेष ट्रेन में सारी तकनीकी सुविधाएं होती हैं. जीपीएस, जीपीआरएस, सेटेलाइट एंटिना, टेलीफोन एक्सचेंज, मॉड्यूलर किचन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लैस दि रॉयल प्रेसिडेंशियल सैलून में सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं. इसके शीशे पूरी तरह से बुलेट प्रूफ होते है. इसमें एनएसजी के कमांडो भी तैनात होते हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा के मद्देनजर इस ट्रेन के आगे एक इंजन भी दौड़ेगा. इंजन यह चेक करेगा कि यात्रा के दौरान पटरियां सुरक्षित रहें|

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